हिमाचल के कोविड कर्मचारियों के लिए खुशखबरी अनुभव के आधार पर सुक्खू सरकार दोबारा करेगी नियुक्तियां

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हिमाचल के कोविड कर्मचारियों के लिए खुशखबरी
अनुभव के आधार पर सुक्खू सरकार दोबारा करेगी नियुक्तिया
एएम नाथ। शिमला
पूर्व में रही जय राम सरकार ने कोरोना जैसी महामारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग में कई कर्मचारियों की नियुक्तियां की गई थी। लेकिन मौजूदा सरकार ने उन सब कर्मचारियों की सेवाएं रद्द कर दी है। और नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाया हुआ था। हालांकि कई बार कॉविड स्टाफ द्वारा सेवाएं दोबारा से बहाल करने को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के समक्ष मांग उठाई । लेकिन प्रदेश कांग्रेस सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग में कोरोना महामारी के दौरान भर्ती हुए स्टाफ को दोबारा नियुक्तियां नहीं दी।
उन कर्मचारियों के लिए एक राहत भरी खबर अब प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा दी गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा मंगलवार को प्रश्नकल के दौरान कहा कि सरकारी विभागों में जिन भी कर्मचारियों की नियुक्तियां की जाती है उन्हें नियमों के तहत होती है। उन्होंने बताया कि कोरोना कल में जो नियुक्तियां हुई थी उनके लिए कोई नियम नहीं बने थे । उन्होंने बताया कि अगर पूर्व में रही भाजपा सरकार द्वारा उन कर्मचारियों के लिए कोई नियम बनाया होता तो सरकार द्वारा उन्हें बाहर नहीं किया जा सकता था। अब उन कर्मचारियों के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भविष्य में अनुभवी कोरोना स्टाफ की जरूरत पड़ने पर उनकी दोबारा से सेवाएं ली जाएगी।
हालांकि आपको बता दें कि कोरोना जैसी महामारी के दौरान भर्ती हुए स्वास्थ्य विभाग में कई कर्मचारियों की अभी तक तनख्वाह तक नहीं मिली हुई है । पिछले काफी महीने की तनख्वाह पेंडिंग में पड़ी हुई है । ऐसे में अब प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रश्न कल के दौरान बताया कि पूर्व सरकार द्वारा कोविड कर्मचारियों के लिए यदि कोई नियम बनाया होता तो उनकी सेवाएं रद्द नहीं की जा सकती थी। हालांकि प्रदेश जिन बड़े अस्पतालों में कोविड कर्मचारियों को भर्ती किया गया था उन्हें अब प्रदेश सरकार की ओर से अनुभव के आधार पर भर्ती किया जाएगा। यह उन तमाम कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर हो सकती है हालांकि इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह द्वारा कोई अधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। लेकिन विधानसभा बजट सत्र के दौरान यह बात कही हुई है कि भविष्य में कोविड के दौरान भर्ती हुए कर्मचारियों को अनुभव के आधार पर भर्ती किया जाएगा। जिनकी सेवाएं प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज में दी जाएंगी और उनके लिए सरकार की ओर से नया क़ानून बनाया जाएगा ताकि भविष्य में कोई भी सरकार उन्हें हटा ना सके।

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