हिम केयर पर मुख्यमंत्री की टिप्पणी को लेकर भड़के नेता प्रतिपक्ष, बोले, जनता को भ्रमित करना बंद करें
एएम नाथ। मंडी : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू पर हिम केयर स्वास्थ्य योजना को लेकर जनता को भ्रमित करने और पूर्व भाजपा सरकार के समय शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को बदनाम करने का आरोप लगाया है। भरमौर में मुख्यमंत्री द्वारा हिम केयर योजना को लेकर की गई टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री को बेतुकी और तथ्यहीन बातें करने के बजाय उन परिवारों से माफी मांगनी चाहिए, जिन्होंने सरकार की कथित लापरवाही के कारण इस योजना का लाभ नहीं मिलने से अपने परिजनों को खोया।
उन्होंने कहा कि हिम केयर योजना हिमाचल प्रदेश के लाखों लोगों के लिए वरदान साबित हुई थी। पूर्व भाजपा सरकार ने इस योजना के माध्यम से प्रदेश के करीब 80 लाख लोगों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त उपचार की सुविधा उपलब्ध करवाई थी। लेकिन वर्तमान कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद इस योजना का बजट रोकने और इसे बंद करने के प्रयास किए। भाजपा विधायक दल के विरोध के कारण सरकार इसे बंद नहीं कर पाई।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि टांडा मेडिकल कॉलेज और आईजीएमसी शिमला में ऐसे कई मामले सामने आए, जहां हिम केयर कार्ड होने के बावजूद मरीजों को मुफ्त उपचार की सुविधा नहीं मिली। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण कुछ लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। मुख्यमंत्री को ऐसी घटनाओं की जिम्मेदारी लेते हुए संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का चार वर्ष का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री अभी भी पूर्व भाजपा सरकार को कोसने में व्यस्त हैं। अपने कार्यकाल में कोई ऐसी लोकप्रिय योजना शुरू नहीं कर पाए, जिसे जनता याद रखे। अब पूर्व सरकार की सफल योजनाओं को निशाना बनाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक अस्थिरता और हार के डर से घिरी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को भाजपा की चिंता छोड़कर प्रदेश के विकास पर ध्यान देना चाहिए।
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देजी पंचायत में आपदा प्रभावित परिवारों के प्रति जताई संवेदना
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सराज विधानसभा क्षेत्र की देजी पंचायत में वर्ष 2025 की प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मिक शांति के लिए आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में भी भाग लिया। उन्होंने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की।
उन्होंने शोकाकुल परिवारों से मिलकर संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। साथ ही ईश्वर से प्रभावित परिवारों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
