1 लाख साल पुराने इंसानों के पैरों के करीब 85 निशान मिले : उस समय कैसा दिखता था इंसान, वैज्ञानिकों ने बताया

by

 एक लाख साल पुराने पैरों के निशान मोरक्को में पाए गए हैं। वैज्ञाानिकों का दावा है कि ये निशान इंसान के पैरों के हैं। मोरक्को, फ्रांस जर्मनी और स्पेन के वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च पब्लिश की है जिसमें दावा किया गया है कि एक लाख साल पुराने पैरों के निशान भी सुरक्षित हैं।

ये पैरों के निशान मानव विकास को लेकर कई राज खोल सकते हैं। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तरी मोरक्कों में समंदर के पास के इलाके में एक चट्टान के ऊपर पैरों के निशान पाए गए। ऐसा लगता है कि ये निशान पांच इंसानों के समूह के हैं।  नेचर साइंस जर्नल में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक इन पैरों के निशान से ह्यूमन रेस के ओरिजिन के बारे में पता लगाया जा सकता है। हालांकि तटीय इलाकों में होने वाला अपरदन वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ी चुनौती है। कई ह्यूमन ट्रैक समंदर में गायब हो गए हैं। मोरक्को में समंदर किनारे पत्थरों पर शोध के दौरान ये पैरों के निशान पाए गए थे। जब इन निशानों को गौर से देका गया तो पता चला कि इनके साइज अलग-अलग थे।

पुरातत्वविद मौनसेफ सेदराती ने अलजजीरा को बताया, पहले हमें विश्वास नहीं हो रहा था कि ये इंसानों के पैरों को निशान हो सकते हैं। लेकिन जब दूसरा और तीसरा निशान बना तो हमें विश्वास होने लगा। बाद में पता चला कि यह रेत 1 लाख साल पुरानी है। यहां से इंसानों के पैरों के करीब 85 निशान पाए गए। ऐसा लगता है कि इंसानों का कोई समूह पानी की ओर जा रहा था। इससे पहले उत्तरी अमेरिका में भी पैरों के निशान पाए गए थे। अंगूठे और उंगलियों के निशान से पता लगता है कि तब भी हमारे जैसे ही इंसान थे। अलग-अलग साइज से पता चलता है कि इसमें महिला पुरुष और बच्चे भी शामिल थे।

अब तक वैज्ञानिकों को भी पता नहीं चला है कि आखिर इंसान यहां क्या करता था। हालांकि अंदाजा लगाया गया है कि वे समंदर में अपना खाना ढूंढने के लिए जाते रहे होंगे। ऐसा भी हो सकता है कि इस इलाके में वे घूमने ही आए हों या फिर अचनाक पहुंच गए हों। सेदराती की टीम ने अध्ययन में पता लगाया कि ये फुटप्रिंट खुद अपनी कहानी बताते हैं। इनके आसपास जमा खनिज और कार्बन से पता लगाया गया कि ये कितने पुराने हैं।

सेदराती ने कहा कि हो सकता कि उस वक्त हिम युग खत्म हो रहा हो और फिर इंसानों मे भी परिवर्तन आया हो। अध्ययन पता चलता है कि उस समय हिम युग खत्म हो चुका था। हालांकि अभी यह पता लगाना है कि वास्तव में उस वक्त की जलवायु और मौसम कैसाथा। बता दें कि 1995 में दक्षइण अफ्रीका के वेस्ट केप प्रांत में पाए गए पैर के निशान सबसे पुराने बताए जाते हैं। इनकी उम्र लगभग 1 लाख 17 हजार साल है। इनकी लंबाई 8.7 इंच है। इससे पता लगया गया कि यह आकार चप्पल की तरह का है। वहीं उस समय महिलाओं की ऊंचाई लगभग 122 सेंटीमीटर थी।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब

साधु सिंह धर्मसोत को मिली जमानत:जंगलात घोटाले में

चंडीगढ़ : जंगलात घोटाले में बंद पंजाब के पूर्व कांग्रेसी मंत्री साधु सिंह धर्मसोत को जमानत मिल गई है। सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने यह राहत दी। साधु सिंह धर्मसोत के अलावा...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मंडी में मस्जिद की 2 अवैध मंजिल तोड़ने का आदेश : नगर निगम कमिश्नर कोर्ट ने 30 दिन का समय दिया

एएम नाथ। मंडी :  शहर में मस्जिद की दो अ‌वैध मंजिलें 30 दिन में गिरानी होंगी। नगर निगम आयुक्त एचएस राणा की कोर्ट ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। तीस साल पुरानी 3 मंजिला...
पंजाब

आखिर पौने दो वर्ष की जांच के बाद आईलेट्स का नकली सर्टीफिकेट देने के आरोप महिला आईलेटस ट्रेनर के खिलाफ मामला दर्ज

कनैडा अैम्बैसी ने पीडि़ता नवजोत कौर पर नकली सर्टीफिकेट होने पर पांच के लिए लगाए दिया था प्रतिवंध गढ़शंकर-गढ़शंकर पुलिस ने एक महिला को आईलेटस का फर्जी र्सटीफिकेट देने पर एक महिला के खिलाफ...
पंजाब

मारपीट करने, मोबाइल फोन व चार हजार रुपये लूटने के आरोप में 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

गढ़शंकर – माहिलपुर पुलिस ने कुलविंदर सिंह के बयान पर दस लोगों के खिलाफ मारपीट करने, मोबाइल फोन व चार हजार छीनने के आरोप में मामला दर्ज किया है। माहिलपुर पुलिस द्वारा दर्ज मामले...
Translate »
error: Content is protected !!