21 साल की उम्र में बेटी को मिलेंगे 71 लाख : उठाए सरकार की इस योजना का लाभ

by

अगर आपके घर में भी बेटी है और आपकों उसके भविश्य की चिंता सता रही तो अब आप बेफ्रिक हो जाएं क्योंकि सरकार ने आपकी बेटी के सुरक्षित भविष्य के लिए एक योजना लेकर आई है जिसके तहत आपको भविष्य की कोई चिंता नहीं होगी।

दरअसल, सुकन्या समृद्धि योजना भारत सरकार द्वारा बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए शुरू की गई एक बचत योजना है। इस योजना का उद्देश्य बेटियों के शिक्षा और शादी के खर्च को पूरा करने में मदद करना है। यहाँ इस योजना की मुख्य विशेषताएँ और विवरण दिए गए हैं:

देश का नागरिक अपने 10 साल या उससे कम आयु की बेटी के लिए इस योजना में निवेश कर सकता है। Sukanya Samriddhi Yojana के तहत कोई भी कम से कम सालाना ₹250 रुपये जमा करा सकता है इससे अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक सलाना जमा कराया जा सकता है। खाता खोलने की पात्रता:

इस योजना के तहत खाता सिर्फ बालिका के नाम पर ही खोला जा सकता है। बालिका की उम्र खाता खोलते समय 10 वर्ष से कम होनी चाहिए। एक परिवार में दो बालिकाओं के नाम पर ही खाता खोला जा सकता है। तीसरे खाते की अनुमति केवल जुड़वां या ट्रिपल बच्चों के मामले में है।

खाता खोलने की प्रक्रिया: खाता किसी भी अधिकृत बैंक या पोस्ट ऑफिस में खोला जा सकता है। खाता खोलने के लिए बालिका का जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता या अभिभावक का पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र आवश्यक है।

जमा राशि: खाता खोलने के लिए न्यूनतम 250 रुपये की राशि आवश्यक है। एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं।

ब्याज दर: इस योजना पर सरकार द्वारा तय की गई ब्याज दर लागू होती है। ब्याज दर हर तिमाही में संशोधित होती है। वर्तमान में ब्याज दर लगभग 7.6% (यह दर समय-समय पर बदल सकती है) है।

Maturity Period: खाता बालिका के 21 वर्ष की आयु पूरी होने पर परिपक्व होता है। हालांकि, बालिका के 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर या 10वीं कक्षा के बाद शिक्षा के लिए कुछ राशि निकाली जा सकती है। कर लाभ: इस योजना में जमा की गई राशि और अर्जित ब्याज धारा 80C के तहत आयकर छूट के लिए पात्र हैं। परिपक्वता राशि और ब्याज भी कर मुक्त होते हैं।

जमा की समय सीमा: खाता खोलने के बाद 15 वर्ष तक नियमित रूप से जमा किया जा सकता है।

लाभ: बेटियों के उज्जवल भविष्य के लिए सुरक्षित बचत योजना। उच्च ब्याज दर और कर लाभ। शिक्षा और शादी के खर्चों को पूरा करने में सहायक। यह योजना बेटियों के लिए एक आर्थिक सुरक्षा का साधन है, जिसमें माता-पिता या अभिभावक छोटी राशि से बड़ी बचत कर सकते हैं।

कैसे काम करती है यह स्कीम?

Approximate calculation: -यदि आपने प्रत्येक वर्ष 1.5 लाख रुपये की निवेश सीमा का पूरा लाभ उठाया, तो 15 साल में कुल जमा राशि 22.5 लाख रुपये होगी। -इसके बाद अगले 6 साल (21 साल की अवधि के अंत तक) उस पर ब्याज जुड़ता रहेगा। -इस तरह के निवेश पर कंपाउंडिंग के साथ 7.6% वार्षिक ब्याज दर पर आपकी कुल राशि 21 साल के अंत में लगभग 70-71 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।

महत्वपूर्ण बातें: -71 लाख रुपये की राशि पाने के लिए यह आवश्यक है कि ब्याज दर 7.6% के आसपास बनी रहे और निवेश की राशि हर साल -अधिकतम सीमा (1.5 लाख रुपये) के बराबर हो। -ब्याज दर में बदलाव या किसी वर्ष में निवेश की गई राशि कम होने पर अंतिम राशि में अंतर आ सकता है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अपने संसाधनों से दिया 4500 करोड़ रुपये का राहत पैकेज : आपदा में केंद्र से नहीं मिली कोई भी विशेष मदद: इंद्र दत्त लखनपाल

विधायक ने राजकीय उच्च पाठशाला कुढार के मेधावी विद्यार्थियों को बांटे पुरस्कार बड़सर 11 फरवरी। विधायक इंद्र दत्त लखनपाल ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में बरसात के मौसम में आई भीषण आपदा के...
article-image
हिमाचल प्रदेश

सुक्खू सरकार अनुशासनहीनता पर कार्रवाई करने के बजाय पर्दा क्यों डाल रही है : जयराम ठाकुर

गलत तरीके से एफिडेविट में नाम आने के बाद भी बचाव की मुद्रा में क्यों है एडवोकेट जनरल सीएम बताएं कि काला अम्ब में अवैध शराब बना रही त्रिलोक संस पर कार्रवाई क्यों रोकी...
article-image
समाचार , हिमाचल प्रदेश

होशियार सिंह को 14 महीने बाद आई कंपार्टमेंट, अब दोबारा वही पेपर : कमलेश ठाकुर

मुझे अपनी जिम्मेदारियों का अहसास, विरोधी रहे निभाने में नाकाम,   भाजपा ने उपचुनाव थोपकर जनता पर डाला 100-150 करोड़ का बोझ एएम नाथ। देहरा :     कांग्रेस उम्मीदवार कमलेश ठाकुर ने कहा कि देहरा...
Translate »
error: Content is protected !!