होटल का 6 लाख का चेक बंद खाते का निकला; गारंटर का चेक भी बाउंस, गहने बेचकर होटल ने चुकाए टेंट-फूल वाले के पैसे
एएम नाथ। मंडी। पद्धर उपमंडल की कई पंचायतों के सैकड़ों लोगों और IIT मंडी के फैकल्टी व स्टाफ से करीब 50 करोड़ रुपये की कथित ऑनलाइन ट्रेडिंग ठगी के मामले में आरोपी महाराष्ट्र निवासी गौरव अनिल धोते को लेकर एक और मामला सामने आया है। आरोप है कि शादी के दौरान पत्नी के लिए 22 कैरेट के नाम पर बनवाए गए सोने के गहने वास्तव में 18 कैरेट के निकले। शादी के अगले ही दिन होटल का बकाया भुगतान करने के लिए ये गहने गिरवी रखने पड़े।
शादी के अगले दिन होटल में रखे गहने
धोते की शादी जून 2025 में मनाली के मनुआलय रिजॉर्ट में हुई थी। शादी का पैकेज करीब 18 लाख रुपये में तय हुआ था। शादी के अगले दिन वह पत्नी के साथ होटल से निकल गया, जबकि होटल का भुगतान बाकी था।
होटल प्रबंधन के संपर्क करने पर उसने बताया कि वह ओल्ड मनाली जा रहा है और पत्नी के गहने बेचकर होटल का बिल चुकाएगा। प्रबंधक ने गहने बेचने के बजाय उन्हें सुरक्षा के तौर पर होटल में रखने का सुझाव दिया। इसके बाद धोते पत्नी के साथ होटल लौटा और करीब दो से ढाई तोले वजन के तीन सोने के गहने होटल प्रबंधन को दे दिए।
6 लाख का चेक, लेकिन खाता पहले ही बंद
होटल का भुगतान करने के लिए धोते ने छह लाख रुपये का चेक दिया। प्रबंधन को संदेह होने पर स्थानीय गारंटर के तौर पर मैजिशियन हेयर सैलून के संचालक का चेक भी लिया गया।
निर्धारित तारीख पर धोते का चेक बैंक में लगाया गया तो उसमें हस्ताक्षर गलत पाए गए। जिस खाते का चेक दिया गया था, वह कई महीने पहले ही बंद हो चुका था। इसके बाद गारंटर का चेक भी बैंक में लगाया गया, लेकिन वह भी बाउंस हो गया।
दोनों चेकों को लेकर मनाली की अदालत में चेक बाउंस का मामला चल रहा है।
18 कैरेट निकले गहने, 1.80 लाख में बिके
होटल प्रबंधन ने जब सुरक्षा के तौर पर रखे गहनों की जांच कराई तो वे 22 कैरेट के बजाय 18 कैरेट के पाए गए। होटल का बकाया चुकाने के लिए इन गहनों को बेच दिया गया, जिससे करीब 1.80 लाख रुपये मिले।
होटल प्रबंधन ने इनमें से टेंट वाले को एक लाख और फूल वाले को 80 हजार रुपये दिए। दोनों का कुल करीब 2.20 लाख रुपये अभी भी बकाया बताया जा रहा है।
क्या है 50 करोड़ की ऑनलाइन ट्रेडिंग ठगी का मामला?
आरोप है कि गौरव अनिल धोते ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर लोगों को हर महीने 5 से 10 प्रतिशत ब्याज और तीन साल में रकम दोगुनी करने का झांसा दिया। बताया जाता है कि वह करीब तीन महीने तक IIT मंडी के गेस्ट हाउस में रहा और इसी दौरान अपना नेटवर्क चलाता रहा।
वह IIT मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा के कार्यक्रमों में भी नजर आता था। आरोपित की IIT से जुड़ी गतिविधियों और प्रभावशाली लोगों से नजदीकी के कारण कई लोगों ने उस पर भरोसा किया और निवेश किया। उसने IIT की एक कार्यशाला के लिए 15 लाख रुपये का फंड भी दिया था।
बाद में उसने कमांद में कार्यालय खोला। जनवरी में निवेशकों का पैसा लेकर वह फरार हो गया और नेपाल पहुंचने की बात सामने आई। निवेशकों की शिकायत के आधार पर थाना पद्धर में उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
