मोहाली। पंजाब और चंडीगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी गुरुवार को करीब 50 घंटे बाद खत्म हो गई। ED की टीमें 5 से 6 वाहनों में मोहाली स्थित ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के मुख्यालय से रवाना हुईं। सूत्रों के अनुसार, टीम अपने साथ जब्त दस्तावेजों के करीब 30 बैग और स्कैन किए गए दस्तावेजों वाली हार्ड डिस्क लेकर गई है।
सूत्रों के मुताबिक, पंजाब के एक IAS अधिकारी के आवास से करीब ढाई करोड़ रुपये नकद, सवा किलो सोना-चांदी और जमीन से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ED ने GMADA के किसी अधिकारी को हिरासत में नहीं लिया है। हाउसिंग सेक्रेटरी विकास गर्ग समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी काम पर लौट आए हैं।
ED ने मंगलवार को पंजाब और चंडीगढ़ में कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की थी। बुधवार को टीम ने पंजाब के मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भांजे के लुधियाना स्थित घर पर भी तलाशी ली। इसके अलावा, दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के चंडीगढ़ स्थित आवास पर भी ED की टीम पहुंची थी।
पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट का रुख किया
ED की कार्रवाई के बीच पंजाब सरकार ने बुधवार देर रात पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। गुरुवार को सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कहा गया कि तलाशी 50 घंटे से अधिक समय तक चली और अधिकारियों को दफ्तरों में गद्दों पर सोना पड़ा।
सरकार ने इसे केंद्र और राज्य के बीच का मामला बताते हुए अदालत के समक्ष कई सवाल उठाए। ED की ओर से एएसजी सत्य पाल जैन और वरिष्ठ अधिवक्ता धीरज जैन पेश हुए।
हाईकोर्ट में सुनवाई से करीब एक घंटे पहले पंजाब और चंडीगढ़ में ED की छापेमारी समाप्त हो गई। इसी दौरान गुरुवार को GMADA कार्यालय के बाहर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन भी किया।
