ज्वाली के लभ गांव में सात दुकानों वाला भवन और ट्रैक्टर कार्रवाई के दायरे में; नशा तस्करी से जुड़ी करीब 30.70 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर अब तक हो चुकी है कार्रवाई की पुष्टि
नूरपुर। हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान को तेज करते हुए पुलिस ने अब तस्करों के कथित वित्तीय नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के निर्देशों के अनुरूप चल रही कार्रवाई के तहत पुलिस जिला नूरपुर की करीब 74.13 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की सक्षम प्राधिकारी से पुष्टि हो गई है। पुलिस के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति का लाभ आरोपियों तक पहुंचने से रोकना और तस्करी के आर्थिक आधार को कमजोर करना है।
पुलिस जिला नूरपुर के प्रवक्ता ने बताया कि मादक पदार्थों से जुड़े एक मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसकी संपत्तियों और उन्हें खरीदने के लिए इस्तेमाल किए गए धन के स्रोतों की विस्तृत वित्तीय जांच की गई। जांच के आधार पर संबंधित संपत्तियों को स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) के प्रावधानों के तहत फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
7 दुकानों वाले भवन और ट्रैक्टर पर कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दायरे में कांगड़ा जिले की ज्वाली तहसील के गांव लभ, डाकघर मकड़ाहन में स्थित दो मंजिला आवासीय-सह-व्यावसायिक भवन शामिल है। इस परिसर में सात दुकानें हैं और इसका अनुमानित मूल्य करीब 68.99 लाख रुपये बताया गया है।
इसके अलावा, वर्ष 2019 में खरीदा गया एचपी-38एफ-6433 पंजीकरण नंबर का ट्रैक्टर भी फ्रीज की गई संपत्तियों में शामिल है। इसकी खरीद कीमत करीब 5.13 लाख रुपये बताई गई है। दोनों संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 74.12 से 74.13 लाख रुपये के बीच बैठता है।
15 अक्टूबर को मिली सक्षम प्राधिकारी की पुष्टि
प्रवक्ता के मुताबिक, पुलिस थाना ज्वाली ने 18 सितंबर, 2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ(1) के तहत संपत्ति फ्रीज करने का आदेश जारी किया था। पुष्टि के लिए यह मामला नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी के समक्ष भेजा गया। इसके बाद 15 अक्टूबर, 2026 को सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक ने अधिनियम की धारा 68एफ(2) के तहत आदेश पारित कर संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की पुष्टि कर दी।
पुलिस ने बताया कि ट्रैक्टर की वर्ष 2019 में हुई खरीद के लिए धनराशि के स्रोत को प्रमाणित करने के संबंध में आयकर रिटर्न, बैंक स्टेटमेंट और अन्य सहायक दस्तावेज पर्याप्त रूप से प्रस्तुत नहीं किए गए। वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक के आयकर रिटर्न को भी वर्ष 2019 में ट्रैक्टर खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई रकम का स्रोत साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं माना गया। इसी आधार पर ट्रैक्टर को फ्रीज करने की कार्रवाई की पुष्टि हुई।
अब तक 30.70 करोड़ की संपत्तियों पर कार्रवाई की पुष्टि
नूरपुर पुलिस के अनुसार, नशा तस्करी के खिलाफ रणनीति केवल मादक पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। इसमें वित्तीय लेन-देन की जांच और कथित अवैध कमाई से जुड़ी संपत्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रवक्ता ने बताया कि इस अभियान के तहत अब तक सक्षम प्राधिकारी की पुष्टि के बाद लगभग 30.70 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि आर्थिक संसाधनों पर प्रहार करने से नशे के अवैध कारोबार को चलाने वाले नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिल सकती है।
पुलिस ने जनता से मांगा सहयोग
पुलिस प्रवक्ता ने आम लोगों से अपील की कि नशा तस्करी, मादक पदार्थों की अवैध बिक्री और वितरण या ऐसी गतिविधियों से अर्जित धन से खरीदी गई संदिग्ध संपत्तियों के बारे में जानकारी पुलिस के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने और नशामुक्त समाज के लक्ष्य को हासिल करने में जनसहयोग महत्वपूर्ण है।
