9 से 23 अप्रैल तक मनाया जा रहा 8वां पोषण पखवाड़ा, मस्तिष्क विकास पर विशेष जोर

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चम्बा में स्वास्थ्य शिविर, रैली और प्रतियोगिताओं के माध्यम से जागरूकता अभियान तेज

पोषण ट्रैकर ऐप से होगी रियल-टाइम मॉनिटरिंग, आंगनवाड़ी केंद्रों की भूमिका अहम

एएम नाथ। चम्बा :  महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 9 से 23 अप्रैल 2026 तक देशभर में 8वां पोषण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इस वर्ष का मुख्य विषय “जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना” रखा गया है, जो बच्चों के समग्र मानसिक और शारीरिक विकास पर केंद्रित है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कुपोषण मुक्त भारत की दिशा में समुदाय स्तर पर पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
जिला चम्बा में इस अभियान को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी कमल किशोर शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष पोषण पखवाड़ा के दौरान विभिन्न विभागों के समन्वय से कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों का मुख्य फोकस गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाना है।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक वर्षों में बच्चों के विकास को ध्यान में रखते हुए 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए खेल आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूत बनाने के लिए समुदाय का सहयोग भी सुनिश्चित किया जाएगा। बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम को कम करने के लिए अभिभावकों और समाज की भूमिका पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
इस दौरान पारंपरिक और पौष्टिक भोजन, विशेषकर मोटे अनाज (बाजरा) के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भी अभियान चलाया जाएगा। पोषण ट्रैकर ऐप के माध्यम से बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य की वास्तविक समय में निगरानी की जाएगी, जिससे कुपोषण की समस्या को प्रभावी ढंग से कम किया जा सके।
पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से स्वास्थ्य शिविर, पोषण जागरूकता रैलियां और ‘स्वस्थ बालक-बालिका’ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों के जरिए लोगों को संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जाएगा।
जिला समन्वयक पोषण अभियान विकास शर्मा ने बताया कि इस अवधि में आयोजित होने वाली सभी गतिविधियों की सूची सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को भेज दी गई है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर आयोजित गतिविधियों को पोषण अभियान के जनआंदोलन डैशबोर्ड पर दर्ज करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक गतिविधि का पूर्ण दस्तावेजीकरण तैयार कर जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय को भेजना सुनिश्चित किया जाए। परियोजना स्तर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें पोषण ट्रैकर के सभी मॉड्यूल में 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने पर जोर रहेगा।
इस अभियान के माध्यम से सरकार का लक्ष्य न केवल कुपोषण को समाप्त करना है, बल्कि समाज में पोषण के प्रति एक जन आंदोलन खड़ा करना भी है, ताकि आने वाली पीढ़ी स्वस्थ और सशक्त बन सके।

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