लुधियाना : शहर के पॉश इलाके में स्थित दीपक अस्पताल में काम करने वाली गुरदीप कौर (32) ने सोमवार को संदिग्ध हालात में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। हालांकि परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या की गई है।
घटना का पता उस समय चला जब अस्पताल के साथी कर्मचारियों ने उसे देखा। शव लटकता देख उनके होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन को दी। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस बुलाई। थाना डिवीजन पांच की पुलिस ने गुरदीप कौर के परिवार वालों को सूचित किया और शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। गुरदीप कौर के परिवार वालों ने अस्पताल प्रशासन पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन की परेशानियों की वजह से ही उनकी बेटी ने ऐसा कदम उठाया है। बाकी पुलिस का कहना है कि हर पहलू पर जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार गुरदीप कौर पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। वह पिछले करीब 10 साल से अस्पताल में स्टाफ नर्स के तौर पर काम कर रही थी व एक पीजी में रहती थी। नौ अगस्त की शाम को घर से वापस आई थी। सोमवार को वह रोजाना की तरह अस्पताल पहुंची और दोपहर बाद उसने अस्पताल के कमरे में ही फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
जब उसके साथियों ने देखा तो अस्पताल प्रशासन व पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गांव के सरपंच को सूचित किया। उन्होंने गुरदीप के घर जाकर जानकारी दी। गुरदीप कौर के परिवार वालों ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के शरीर पर चोट के निशान हैं, जिससे आशंका है कि उनकी बेटी के साथ मारपीट हुई है व उसके बाद हत्या कर शव को लटकाया गया है।
जब अस्पताल प्रशासन से फुटेज मांगी गई तो उन्होंने तीन दिन पहले से कैमरा खराब होने की बात कही। थाना डिवीजन पांच के एसएचओ इंस्पेक्टर बिक्रमजीत सिंह ने बताया कि परिवार ने जो आरोप लगाए हैं उस पर जांच की गई है। ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। गुरदीप कौर ने आत्महत्या क्यों की है अभी तक पता नहीं चल पाया है। बाकी जांच की जा रही है।
