सरकार की स्पष्ट नीति न होने पर जताया रोष अभी तक नहीं दी गई पेंशनर्स के एक वर्ग को छठे वेतन आयोग की देनदारियां

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चंडी में हुई चंडी व घडसी के पेंशनरों की बैठक

पट्टा मेहलोग, 13 जनवरी (तारा) : पेंशनर्स एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन चण्डी -घड़सी इकाई की मासिक बैठक सरकार की कोई स्पष्ट नीति न होने और उपेक्षापूर्ण रवैये पर रोष जताया गया।
चंडी में प्रधान पी सी वर्मा की अध्यक्षता में चण्डी में आयोजित हुई। वक्ताओं ने कहा कि तीन महंगाई भतो की किश्तों के एरियर अभी तक नहीं दिया गया है। और बाकी चार महंगाई भतो की अधिसूचना जारी होना अभी शेष है। 65, 70,75 वर्ष पुर्ण कर चुके पेंशनर्स को 5,10 और 15 प्रतिशत पेंशन वृद्धि को मूल वेतन में समायोजित करना इत्यादि बहुत से मसले हैं। जिस पर सरकार का रवैया बहुत ही नाकारात्मक और उपेक्षा पुर्ण रहा है।
पेंशनर्स के प्रति सरकार की उपेक्षा का आलम यह है कि पेंशनर्स के जनवरी 2016 से जनवरी 2022 में सेवानिवृत्त हुए एक वर्ग को छठे वेतनमान द्वारा निर्धारित लिव-इन कैशमैंट, ग्रेच्यूटी, कम्यूटेंशन की अदायगी लगभग दस वर्ष पश्चात आज तक भी प्राप्त नहीं हुई है। जबकि उपरोक्त काल खण्ड से पहले और पश्चात सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर यह राशि सम्पूर्ण और एकमुश्त मिल चुकी है। यह राशि प्रति पेंशनर्स लगभग पांच से पच्चीस लाख तक की है। अगर 2016 में सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को अपना यह पैसा और पेंशनरों की तर्ज पर मिल गया होता तो आज तक उनकी यह रकम दुगुनी हो गई होती इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस काल खण्ड में सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों के साथ कितना ज्यादा अन्याय हो रहा है। वर्तमान में इतने समय पश्चात भी मुख्यमंत्री महोदय इस वर्ग को एक मुश्त सारी देय राशि अदा करने की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि इस वित्तीय वर्ष में कुछ देने अगर सम्भव नहीं हुआ तो अगले वित्तीय वर्ष में पक्का कुछ देने की बात कर रहे हैं। जैसे यह पेंशनरों की देय राशि न होकर दया राशि हो। जबकि अपने इस पैसे का इन्तजार करते हुए हमारे कई पेंशनर भाईयों का देहांत भिन्न-भिन्न बिमारियों से हो चुका है। यह ठीक है कि उपरोक्त काल खण्ड में जब छठे वेतन आयोग हिमाचल प्रदेश में लागू किया गया उस समय प्रदेश में भाजपा की सरकार थी। परन्तु वर्तमान मुख्यमंत्री को भी यह समझना चाहिए कि उनकी इन्हीं पेंशनर्स और कर्मचारियों के नजऱ अंदाज़ रवैए को भुनाकर आप सत्तासीन हुए हैं। और अब आप स्वयं क्या कर रहे हैं ? बैठक में सर्वसम्मति से सरकार से मांग की गई कि आगामी बजट बनाते समय बजट में जनवरी 2016 से जनवरी 2022 के मध्य सेवा निवृत्त हुए कर्मचारियों की लिव-इन कैशमैंट, ग्रेच्यूटी और कम्यूटेंशन की एकमुश्त सम्पूर्ण राशि का प्रावधान किया जाए ताकि यह उपेक्षित वर्ग भी देय राशि के मामले में अन्य पेंशनर्स भाईयों की बराबरी में आ सके।
इसके अतिरिक्त महंगाई भत्ते की किश्तों के एरियर और अन्य महंगाई भतो की देय किश्तों का प्रावधान बजट में किया जाएं।
बैठक में सीएचसी चण्डी और सीएचसी पट्टा महलोग को सी एच सी स्तरीय स्टाफ और सीएचसी स्तरीय उपकरण मुहैया करवाने की सरकार से मांग की गई। दून विधानसभा क्षेत्र और साथ लगती लगभग 27 पंचायतों में आज तक सीएचसी स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं भी नहीं मिल पा रही है। बैठक में उच्च माध्यमिक पाठशाला चण्डी में सीबीएसई शिक्षा प्रणाली लागू करने के लिए मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक का धन्यवाद किया गया।
इस अवसर पर इकाई के महासचिव हंसराज शर्मा वरिष्ठ उपप्रधान कृष्ण गोपाल शर्मा, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण ठाकुर, प्रैस सचिव हंसराज शर्मा, बाबु राम चौहान जिला प्रतिनिधि ख्याली राम रघूवन्शी जिला प्रतिनिधि,मैडम रामपति थलयारी, रोशनलाल वर्मा, रूप राम रत्न, बलदेव इत्यादि पेंशनर्स मौजूद रहे।

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