बद्दी, 15 अप्रैल (तारा) : हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित साहित्यकार एवं शिक्षाविद् डॉ. श्याम सिंह की नवीन कृति “आँचलिकता और राजेन्द्र अवस्थी का कथा-साहित्य” का सफलतापूर्वक प्रकाशन हो गया है। यह पुस्तक प्रसिद्ध कथाकार राजेन्द्र अवस्थी के साहित्यिक योगदान, विशेषकर उनके कथा-साहित्य में आँचलिकता के स्वरूप और प्रभाव का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करती है।
पुस्तक में लेखक ने राजेन्द्र अवस्थी के कथा-साहित्य के विभिन्न आयामों—ग्रामीण जीवन, लोक-संस्कृति, सामाजिक सरोकारों, भाषा-शैली तथा क्षेत्रीय विशेषताओं—का विस्तार से अध्ययन किया है। इसमें यह भी दर्शाया गया है कि किस प्रकार आँचलिकता भारतीय समाज की जड़ों और उसकी वास्तविकता को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम बनती है।
डॉ. श्याम सिंह ने अपने शोधपरक दृष्टिकोण और सरल भाषा के माध्यम से विषय को पाठकों के लिए रोचक एवं उपयोगी बनाया है। यह कृति हिन्दी साहित्य के विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं साहित्य-प्रेमियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।
इस पुस्तक का प्रकाशन एनके एंटरप्राइजेज, चंडीगढ़ (भारत) द्वारा किया गया है।
साहित्यिक जगत में इस पुस्तक के प्रकाशन को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जो हिन्दी कथा-साहित्य में आँचलिकता के अध्ययन को नई दिशा प्रदान करेगी| डॉ श्याम सिंह वर्तमान में राजकीय महाविद्यालय बरोटीवाला (जिला- सोलन) हिन्दी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है ।
इससे पहले राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नेरवा, राजकीय महाविद्यालय चोपाल, राजकीय संस्कृत महाविद्यालय सरेन, राजकीय महाविद्यालय कुपवी (जिला- शिमला) एवं राजकीय महाविद्यालय जयनगर (जिला सोलन )में 25 वर्षों से अपनी सेवायें दे चुके है।
