परिणामों में देरी और दस्तावेजी दिक्कतें बनी बाधा, +1 एडमिशन डेट बढ़ाने की मांग तेज
एएम नाथ। शिमला : व7RरR7 ”“हिमाचल प्रदेश में +1 कक्षा में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पूर्व प्रान्त महामंत्री डॉ. मामराज पुंडीर ने इस मुद्दे को उठाते हुए प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से विद्यार्थियों के हित में जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो सकता है।
डॉ. पुंडीर ने बताया कि कई स्कूलों के परीक्षा परिणामों में देरी के कारण विद्यार्थियों को समय पर अंकपत्र नहीं मिल पा रहे हैं। इसके अलावा आवश्यक दस्तावेजों को जुटाने में भी अभिभावकों और छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के छात्रों की समस्या पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वहां आवागमन की सुविधाएं सीमित होने के कारण प्रवेश प्रक्रिया समय पर पूरी करना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
उन्होंने कहा कि यदि +1 कक्षा में प्रवेश की अंतिम तिथि को वर्तमान स्थिति में यथावत रखा गया, तो कई योग्य विद्यार्थी शिक्षा के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। यह न केवल उनके व्यक्तिगत भविष्य के लिए नुकसानदायक होगा, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव डालेगा। ऐसे में समय सीमा में लचीलापन बेहद जरूरी है।
डॉ. पुंडीर ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से अपील करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के हित को सर्वोपरि रखते हुए प्रवेश की अंतिम तिथि को कुछ समय के लिए बढ़ाया जाए। इससे छात्रों को बिना किसी दबाव के आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने का पर्याप्त अवसर मिल सकेगा और कोई भी पात्र छात्र शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि शिक्षा विभाग इस मांग पर सकारात्मक रुख अपनाएगा और जल्द ही इस संबंध में उचित निर्णय लिया जाएगा, जिससे हजारों छात्रों को राहत मिल सकेगी और उनका शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित हो सकेगा।
