बद्दी 8 मई (तारा) : हाल ही में हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित विद्वान डॉ. श्याम सिंह की महत्वपूर्ण कृति ‘आंचलिकता और राजेंद्र अवस्थी का कथा-साहित्य’ का प्रकाशन हुआ है। इस पुस्तक के प्रकाशन पर देश के विभिन्न शिक्षाविदों एवं साहित्यकारों ने हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए इसकी सराहना एवं समीक्षात्मक टिप्पणी प्रस्तुत की है।
विद्वानों के अनुसार यह कृति हिंदी साहित्य में आंचलिकता की परंपरा तथा कथाकार राजेंद्र अवस्थी के कथा-साहित्य का गंभीर, शोधपरक एवं व्यापक अध्ययन प्रस्तुत करती है। पुस्तक में आंचलिक जीवन, लोक-संस्कृति, सामाजिक संरचना, परंपराएँ एवं मानवीय संबंधों का सूक्ष्म और यथार्थ चित्रण किया गया है, जो इसे अत्यंत उपयोगी एवं प्रासंगिक बनाता है।
अपने संदेशों में विद्वानों ने कहा कि यह पुस्तक न केवल साहित्य के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी, बल्कि हिंदी कथा-साहित्य की समझ को भी एक नई दिशा प्रदान करेगी। लेखकीय दृष्टि, भाषा की सहजता तथा विश्लेषण की गहराई को विशेष रूप से सराहा गया है।
समीक्षकों ने यह भी उल्लेख किया कि डॉ. श्याम सिंह ने राजेंद्र अवस्थी के कथा-साहित्य के माध्यम से भारतीय ग्रामीण जीवन, उसकी समस्याओं, संघर्षों और सांस्कृतिक मूल्यों को प्रभावी ढंग से उजागर किया है। यह कृति साहित्य-जगत में एक महत्वपूर्ण योगदान के रूप में देखी जा रही है।
अंततः सभी विद्वानों ने डॉ. श्याम सिंह को इस उत्कृष्ट कृति के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए आशा व्यक्त की है कि यह पुस्तक हिंदी साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी।
