मतदान केंद्र में छोड़ी गई नोटा मुहर, 124 वोट पड़ने के बाद खुला मामला
चुनाव ड्यूटी में चूक पर प्रशासन सख्त, चार अधिकारी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड
एएम नाथ। शिमला : शिमला पंचायत चुनाव के दौरान गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने पोलिंग पार्टी संख्या-65 के सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामला ग्राम पंचायत नरैन के वार्ड नंबर-1 स्थित ब्रांदली-1 मतदान केंद्र से जुड़ा है, जहां चुनाव प्रक्रिया के दौरान बड़ी चूक सामने आई।
जांच में पता चला कि मतदान कक्ष में एरो क्रॉस मार्क सील के साथ नोटा की रबर स्टाम्प भी खुली अवस्था में छोड़ दी गई थी। इसी दौरान एक मतदाता ने गलती से उम्मीदवार की जगह नोटा पर मुहर लगा दी। इसके बाद मामला चुनाव अधिकारियों के संज्ञान में आया और जांच शुरू की गई। शिकायत मिलने तक कुल 124 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे।
इस प्रक्रियात्मक लापरवाही के कारण कुछ समय के लिए मतदान प्रक्रिया को रोकना पड़ा। प्रशासन ने इसे चुनाव ड्यूटी में गंभीर चूक मानते हुए पूरी पोलिंग पार्टी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की। निलंबित अधिकारियों में प्रीसाइडिंग अधिकारी अनिल कुमार तथा पोलिंग अधिकारी प्रकाश चंद, राज कुमार और रमेश चंद शामिल हैं। निलंबन अवधि के दौरान सभी अधिकारियों का मुख्यालय बीडीओ कार्यालय रामपुर निर्धारित किया गया है।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने स्पष्ट कहा कि चुनाव जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी तय कर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनी रहे।
