युवाओं के लिए रोजगार का नया अवसर, एक वर्षीय पंचकर्म कोर्स को मिली मंजूरी
आयुष सेवाओं को मिलेगा बल, चंबा में प्रशिक्षित होंगे पंचकर्म तकनीशियन
एएम नाथ। चंबा : युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करने और आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में जिला आयुर्वेदिक अस्पताल चंबा में शीघ्र ही एक वर्षीय पंचकर्म तकनीशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। तकनीकी शिक्षा विभाग, हिमाचल प्रदेश के तत्वावधान में संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 20 युवाओं का चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान चयनित अभ्यर्थियों को पंचकर्म चिकित्सा से संबंधित सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाएगा। प्रतिभागियों को आयुर्वेद की प्रमुख पंचकर्म प्रक्रियाओं—वमन, विरेचन, नस्य तथा बस्ति—के बारे में विस्तार से प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके साथ ही रोग निवारण, शरीर शोधन और स्वास्थ्य संवर्धन से जुड़े आयुर्वेदिक सिद्धांतों की भी जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षणार्थियों को रक्तमोक्षण, अग्निकर्म, जलौकावचरण (लीच थेरेपी), क्षारकर्म तथा अन्य परासर्जिकल आयुर्वेदिक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा। यह प्रशिक्षण अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सकों के मार्गदर्शन में संचालित किया जाएगा, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक कार्य-अनुभव प्राप्त हो सके और वे स्वास्थ्य क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बन सकें।
विभाग के अनुसार इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं के लिए प्रशिक्षित तकनीकी एवं सहायक स्वास्थ्य कार्यबल तैयार करना है। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले अभ्यर्थी निजी अस्पतालों, पंचकर्म केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों में पंचकर्म तकनीशियन के रूप में कार्य करने के पात्र होंगे। इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले प्रतिभागियों को तकनीकी शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। यह प्रमाण-पत्र निजी क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा।
एएमओ एवं नोडल अधिकारी पंचकर्म तकनीशियन कोर्स, डॉ. कुलविंदर संधू ने बताया कि यह कार्यक्रम युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। वहीं जिला आयुष अधिकारी डॉ. अनीता शर्मा ने कहा कि आयुष विभाग प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्यक्रम युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक आयुर्वेदिक सेवाओं की पहुंच को और मजबूत करेगा।
