घुमारवीं विस क्षेत्र में खेल एवं कौशल विकास के लिए करोड़ों रुपये की परियोजनाएं प्रगति पर
केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं की वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता में बतौर मुख्यातिथि बोले तकनीकी शिक्षा मंत्री
एएम नाथ। घुमारवीं (बिलासपुर), 30 जुलाई: नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं के वार्षिक खेलकूद समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को वार्षिक खेलकूद समारोह की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेल गतिविधियों से बच्चों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना तथा आत्मविश्वास का विकास होता है और उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है, जिसे उचित मंच और प्रोत्साहन मिलने पर नई दिशा मिलती है। उन्होंने विद्यालय के एनसीसी, एनएसएस तथा गाइड एवं स्काउट्स के विद्यार्थियों द्वारा प्राथमिक उपचार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर प्रस्तुत कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि इन मूल्यों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बच्चे परिवार और समाज से सबसे अधिक सीखते हैं। ऐसे में अभिभावकों एवं समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह अपने आचरण से बच्चों के सामने सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करें, ताकि भावी पीढ़ी अच्छे संस्कारों और नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ सके।
राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश मंत्रिमंडल ने केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं के स्थायी भवन निर्माण के लिए 25 बीघा भूमि को स्वीकृत प्रदान कर दी है। शीघ्र ही लीज डीड की प्रक्रिया पूर्ण कर निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय का अपना भवन बनने से विद्यार्थियों को आधुनिक एवं बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अस्थायी परिसर में संचालित होने के बावजूद केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं से उनका भावनात्मक जुड़ाव है। वर्ष 2008 में विधायक बनने के बाद उन्होंने जिला बिलासपुर में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव सोनिया गांधी के समक्ष रखा था और वर्ष 2012 में जिले का पहला केंद्रीय विद्यालय घुमारवीं में प्रारंभ हुआ। वर्तमान में विद्यालय राजकीय कन्या एवं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बाल) घुमारवीं के परिसरों में संचालित हो रहा है। विद्यालय प्रबंधन की सुविधा को देखते हुए इसे एक ही परिसर में संचालित करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही आवश्यक कक्षों की उपलब्धता होने पर 11वीं एवं 12वीं कक्षाएं भी प्रारंभ करने के प्रयास किए जाएंगे।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय भवन के लिए आवंटित भूमि के साथ घुमारवीं में आधुनिक इंडोर स्टेडियम का भी निर्माण किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न खेल सुविधाओं के साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्विमिंग पूल का भी निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के आशीर्वाद से मोरसिंघी में 48 छात्राओं की क्षमता वाला हैंडबॉल हॉस्टल स्थापित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त घुमारवीं में बहुउद्देश्यीय खेल परिसर के साथ 100 छात्राओं की क्षमता वाला मल्टी स्पोर्ट्स हॉस्टल भी बनाया जाएगा, जिसके लिए सरकार से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि घुमारवीं में लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत से स्किल अकादमी स्थापित की जा रही है, जिसके भवन निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने पहली किस्त के रूप में 2 करोड़ रुपये जारी कर दिये हैं। इस अकादमी के माध्यम से युवाओं को रोजगारोन्मुख कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि करयालग में 5 करोड़ रुपये की लागत से कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्र (सीबीटीसी) स्थापित किया जा रहा है, जहां एक समय में लगभग 500 अभ्यर्थी ऑनलाइन परीक्षाएं दे सकेंगे। इसके अतिरिक्त घुमारवीं में सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल के अंतर्गत विश्वस्तरीय मल्टीडिसिप्लिनरी इंस्टिट्यूट ऑफ इनोवेशन, स्किल, टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (एमआईआईएसटीईआर) यूनिवर्सिटी की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है और भूमि उपलब्ध होते ही परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
राजेश धर्माणी ने कहा कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से घुमारवीं, हटवाड़, भराड़ी तथा कपाहड़ा के चार विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध किया गया है। इन विद्यालयों में शीघ्र ही आवश्यक शिक्षकों की नियुक्ति कर दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री अथवा डिप्लोमा प्राप्त करना नहीं, बल्कि अर्जित ज्ञान को व्यवहारिक जीवन में उतारना है। वर्तमान प्रदेश सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। इसी का परिणाम है कि गुणवत्ता आधारित शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश, जो पहले देश में 21वें स्थान पर था, अब तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है।
इससे पहले उन्होंने स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत भव्य मार्च पास्ट की सलामी ली तथा वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के शुभारंभ की भी घोषणा की।
स्कूल की प्रधानाचार्य रिंकू कुमारी ने मुख्यातिथि सहित अन्य अतिथियों का स्वागत किया तथा स्कूल की वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर स्कूल के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।
इस मौके पर एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल, उपनिदेशक उच्च शिक्षा स्कूल नरेश चंदेल, विद्यालय के अध्यापकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
