गढ़शंकर, 10 अगस्त: पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष कमेटी गढ़शंकर की एक हंगामी बैठक आयोजित की गई। बैठक में 23 अगस्त को मुख्यमंत्री के गांव सतोज में होने वाली महारैली के संबंध में कर्मचारियों को लामबंद किया गया तथा अधिक से अधिक संख्या में रैली में शामिल होने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर पुरानी पेंशन बहाल संघर्ष कमेटी के साथी सतपाल मिन्हास व अश्विनी राणा ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने वर्ष 2022 में कर्मचारियों को पुरानी पेंशन देने संबंधी अधूरा नोटिफिकेशन जारी किया था, लेकिन आज तक पुरानी पेंशन योजना को पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कर्मचारियों को केंद्र सरकार की तुलना में 18 प्रतिशत कम महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। इसके अलावा 37 भत्ते बंद कर दिए गए हैं और पिछले पांच वर्षों में महंगाई भत्ते की कोई किश्त नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण कर्मचारियों में भारी रोष है। यदि सरकार ने जल्द पुरानी पेंशन बहाल नहीं की तो आने वाले विधानसभा चुनावों में कर्मचारी सरकार को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।बैठक में पेंशनर साथियों में शाम सुंदर कपूर और बलवंत राम, जीटीयू से नरेश कुमार, दिलावर सिंह पवन गोयल, हरदीप कुमार सहित पुरानी पेंशन की प्राप्ति के लिए संघर्ष कर रहे साथी सतपाल, पूनम भंमियां, बलजीत सिंह, दविंदर सिंह, भाग सिंह, वंदना राणा, मनोज कुमार, अश्वनी राणा, होशियार सिंह, हरजीत सिंह, सुरिंदर कुमार, हरी राम, दविंदर सिंह, भाग सिंह और परमिंदर पक्खोवाल उपस्थित थे। फोटो कैप्शन: बैठक दौरान पुरानी पेंशन बहाल संघर्ष कमेटी के कार्यकर्ता व भ्रातृ जत्थेबंदियों के सदस्य।
