रोहित जसवाल। ऊना, 11 अगस्त : उद्योग विभाग की ओर से रैंप (RAMP) कार्यक्रम के तहत एमएसएमई इकाइयों की प्रतिस्पर्धात्मकता और बाजार तक पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को राजीव गांधी कॉमन फैसिलिटी सेंटर, बाथू में “स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग एवं जेम व सीपीपी पोर्टल” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों को आधुनिक तकनीक अपनाने के साथ-साथ सरकारी खरीद प्रक्रियाओं से जोड़कर उन्हें अधिक सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाना था।
कार्यशाला की अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) ऊना के प्रबंधक ज्ञान चंद शर्मा ने की, जबकि हरोली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कौशल विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यशाला में करीब 60 एमएसएमई उद्यमियों ने भाग लिया।
अपने संबोधन में डीआईसी ऊना के प्रबंधक ज्ञान चंद शर्मा ने कहा कि जेम (GeM) पोर्टल एमएसएमई इकाइयों के लिए सरकारी खरीद प्रक्रिया में भाग लेने का एक पारदर्शी माध्यम है। उन्होंने सभी पात्र एवं इच्छुक इकाइयों से जेम पोर्टल पर पंजीकरण करवाने का आह्वान किया।
हरोली इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कौशल ने भी अधिक से अधिक एमएसएमई इकाइयों को जेम पोर्टल से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने रैंप टीम से आग्रह किया कि इच्छुक उद्यमियों का फॉलोअप कर उन्हें पंजीकरण तथा अन्य प्रक्रियाओं में आवश्यक तकनीकी सहायता और सहयोग उपलब्ध करवाया जाए।
उद्योग 4.0 और ऑटोमेशन की दी जानकारी
कार्यशाला के पहले सत्र में प्रशिक्षक तुषार शर्मा ने स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने उद्योग 4.0, ऑटोमेशन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), डेटा आधारित निर्णय लेने और लागत अनुकूलन जैसे विषयों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक को अपनाकर एमएसएमई इकाइयां अपनी उत्पादन क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार कर सकती हैं।
दूसरे सत्र में रवि वर्मा ने जेम एवं सीपीपी पोर्टल से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने उद्यमियों को पोर्टल पर पंजीकरण, बोली प्रक्रिया, एमएसएमई के लिए उपलब्ध अनुकूल प्रावधानों तथा समयबद्ध भुगतान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी।
रैंप टीम द्वारा कार्यशाला के दौरान उद्यमियों को तकनीकी सहायता भी प्रदान की गई। इस दौरान 10 उद्यमियों का जेम पोर्टल पर मौके पर ही पंजीकरण करवाया गया।
कार्यशाला में उद्यमियों ने विषयों को लेकर गहरी रुचि दिखाई और फिजिबिलिटी सर्वेक्षण में भाग लेने के लिए भी उत्साह व्यक्त किया। प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान पंजीकृत उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग एवं सरकारी ई-प्रोक्योरमेंट से संबंधित विभिन्न सवालों के जवाब विशेषज्ञों से प्राप्त किए।
कार्यशाला के माध्यम से एमएसएमई उद्यमियों को आधुनिक तकनीक, डिजिटल सरकारी खरीद प्रणाली और बाजार तक बेहतर पहुंच के लिए व्यावहारिक जानकारी एवं मार्गदर्शन उपलब्ध करवाया गया।
