30 अगस्त की राज्य स्तरीय बैठक में लिया जाएगा अगले आंदोलन का फैसला
गढ़शंकर। पंजाब सरकार और कर्मचारियों-पेंशनरों के बीच बढ़ते विवाद के तहत गढ़शंकर सहित होशियारपुर जिले के विभिन्न ब्लॉकों में शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों ने सरकार द्वारा जारी पत्रों की प्रतियां जलाकर रोष जताया। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री द्वारा 27 अगस्त को प्रस्तावित बैठक रद्द किए जाने और आंदोलनकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई संबंधी कार्मिक विभाग के पत्र का विरोध किया।
इस दौरान स्कूलों में एकत्रित हुए कर्मचारियों ने पंजाब कर्मचारी एवं पेंशनर्स मोर्चा तथा सांझा मुलाजिम मंच की संयुक्त तालमेल कमेटी के आह्वान पर पंजाब सरकार के आदेशों की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।
डीटीएफ नेताओं मुकेश कुमार, सुखदेव डांसीवाल, कुमार गौरव, अश्विनी कुमार, बलजीत सिंह मेहमोवाल, अजय कुमार, करनैल सिंह खानपुर, मनजीत सिंह सैनी, विनय कुमार, प्रवीण कुमार, प्रदीप कुमार और सतपाल कलेर ने कहा कि 7 अगस्त को चंडीगढ़ में कर्मचारियों और पेंशनरों की बड़ी रैली के बाद मुख्यमंत्री ने 27 अगस्त को बैठक का समय दिया था। नेताओं के अनुसार, बैठक के दिन मुख्यमंत्री की ओर से सोशल मीडिया के माध्यम से बैठक रद्द करने की जानकारी दी गई और कहा गया कि हड़ताल और बैठक एक साथ नहीं हो सकती।
शिक्षक नेताओं ने आरोप लगाया कि इसके बाद कार्मिक विभाग की ओर से कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई संबंधी पत्र जारी किया गया, जिसे उन्होंने ‘धमकी भरा पत्र’ बताते हुए विरोध किया।
‘सरकार के दबाव से नहीं डरेंगे’
शिक्षक नेताओं ने कहा कि कर्मचारी और पेंशनर अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और सरकार के किसी भी दबाव से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन और विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे।
नेताओं ने बताया कि मुख्यमंत्री के कथित हठधर्मी रवैये के विरोध में 30 अगस्त को राज्य स्तरीय बैठक बुलाई गई है। बैठक में आंदोलन को आगे तेज करने और सरकार के खिलाफ अगली रणनीति तय करने का फैसला लिया जाएगा।
उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो संघर्ष को और तेज करते हुए इसे व्यापक स्तर तक ले जाया जाएगा।
इस अवसर पर बलकार सिंह मांगनियां, खुशविंदर कौर, चरणजीत कौर, हरप्रीत कौर, सुनीता कुमारी, अमनदीप कौर, परजिंदर लेहल, सुखबीर सिंह, रुपिंदर सिंह, इंदरजीत कौर, कविता, बलविंदर खानपुर, तरसेम कौर, बलवीर कौर, पूनम रानी और कमलेश कौर सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
