विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित, जेई और रोजगार सेवक के बाद सचिव पर भी गिरी गाज
एएम नाथ। चंबा : ग्राम पंचायत मैहला में इंटरलॉक टाइलों की खरीद, स्टॉक लेखांकन और उनके उपयोग में पाई गई गंभीर वित्तीय एवं प्रक्रियात्मक अनियमितताओं पर पंचायत सचिव के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। उपायुक्त एवं सक्षम अनुशासनिक प्राधिकारी मुकेश रेपसवाल ने पंचायत सचिव को सरकारी सेवा से बर्खास्त करने के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1965 के तहत की गई है।
मामले में पंचायत सचिव के खिलाफ 13 अक्तूबर 2025 को ज्ञापन संख्या 4796-98 के माध्यम से आरोप तय किए गए थे। उन पर केंद्रीय सिविल सेवा आचरण नियम, 1964 के नियम-3 के उल्लंघन का आरोप था। विभागीय जांच के लिए चंबा के एसडीएम को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था।
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि मैहला पंचायत में सामग्री खरीद, स्टॉक लेखांकन और उपयोग में गंभीर वित्तीय एवं प्रक्रियात्मक अनियमितताएं पाए जाने पर पंचायत सचिव को सरकारी सेवा से बर्खास्त किया गया है।
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जांच में आरोप प्रमाणित, व्यक्तिगत सुनवाई का भी मिला मौका
विभागीय जांच के दौरान पंचायत सचिव को अपना पक्ष रखने और साक्ष्यों पर प्रतिवाद करने का पूरा अवसर दिया गया। जांच अधिकारी की रिपोर्ट में लगाए गए आरोप प्रमाणित पाए गए। इसके बाद कर्मचारी से जांच रिपोर्ट पर आपत्तियां और लिखित अभ्यावेदन मांगा गया। छह जुलाई 2026 को पत्र जारी कर उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया। हालांकि, उनके अभ्यावेदन में ऐसा कोई नया तथ्य नहीं पाया गया, जिससे जांच अधिकारी के निष्कर्षों में बदलाव किया जा सके।
अनुशासनिक प्राधिकारी ने माना कि पंचायत में सामग्री की खरीद, प्राप्ति, स्टॉक लेखांकन, अभिरक्षा और उपयोग के स्तर पर गंभीर चूक हुई। इसे ईमानदारी, सावधानी और कर्तव्यनिष्ठा के निर्धारित मानकों के विपरीत गंभीर कदाचार माना गया। इसके बाद नियम-11 के तहत उपलब्ध बड़ी सजा के प्रावधानों में नियम 11(viii) के तहत सेवा से बर्खास्तगी का आदेश जारी किया गया।
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जेई और रोजगार सेवक पर भी हो चुकी है कार्रवाई
इंटरलॉक टाइलों की खरीद से जुड़े इसी मामले में इससे पहले कनिष्ठ अभियंता और ग्राम रोजगार सेवक को भी सेवामुक्त किया जा चुका है। अब पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई के बाद मामले में विभागीय स्तर पर एक और बड़ी कार्रवाई हुई है।
