एएम नाथ। शिमला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर दो अहम फैसले सामने आए हैं। शिक्षकों के विरोध के बाद सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में दिन में तीन बार हाजिरी लगाने की व्यवस्था वापस लेने का आश्वासन दिया गया है। वहीं, 151 सरकारी स्कूलों में संचालित सिक्योरिटी और प्लंबिंग के वोकेशनल कोर्स शैक्षणिक सत्र 2027-28 से बंद किए जाने की तैयारी है।
तीन बार हाजिरी के आदेश पर रोक का आश्वासन
सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की दिन में तीन बार हाजिरी लगाने के आदेश का हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ ने विरोध किया था। प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से मुलाकात कर व्यवस्था पर आपत्ति जताई।
संघ ने कहा कि शिक्षक पहले ही विभिन्न माध्यमों से अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं, ऐसे में दिन में तीन बार हाजिरी की व्यवस्था अनावश्यक है। संघ ने पूरे प्रदेश में शिक्षकों के लिए समान अटेंडेंस व्यवस्था लागू करने की मांग रखी।
संघ के अनुसार, शिक्षा मंत्री ने मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में भी शिक्षकों की दिन में दो बार ही हाजिरी लगाई जाएगी।
151 स्कूलों में सिक्योरिटी-प्लंबिंग कोर्स पर बदलाव
दूसरे मामले में राज्य के 151 सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में चल रहे सिक्योरिटी और प्लंबिंग के व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को अगले शैक्षणिक सत्र से बंद करने की तैयारी है। बताया गया है कि सीबीएसई इन दोनों पाठ्यक्रमों को मान्यता नहीं देता। हालांकि, मौजूदा शैक्षणिक सत्र में इन पाठ्यक्रमों को बंद नहीं किया जाएगा और प्रस्तावित बदलाव 2027-28 से लागू हो सकता है।
कोर्स बंद होंगे, शिक्षक नहीं होंगे प्रभावित
पाठ्यक्रम बंद होने की स्थिति में इनमें कार्यरत शिक्षकों के भविष्य को लेकर भी विभाग ने योजना तैयार की है। शिक्षा सचिव राकेश कंवर की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई।
प्रस्ताव के अनुसार, इन पाठ्यक्रमों को पूरी तरह खत्म करने के बजाय सीबीएसई स्कूलों के आसपास स्थित गैर-सीबीएसई सरकारी स्कूलों में शुरू किया जा सकता है। साथ ही संबंधित शिक्षकों को भी उन्हीं स्कूलों में तैनात करने का प्रस्ताव है। इससे पाठ्यक्रमों के साथ शिक्षकों की सेवाएं भी जारी रखने का रास्ता तैयार होगा।
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने प्रस्ताव राज्य सरकार की मंजूरी के लिए भेज दिया है। अंतिम फैसला सरकार की स्वीकृति के बाद ही होगा।
कई क्षेत्रों में चल रहे वोकेशनल कोर्स
हिमाचल के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न वोकेशनल पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनमें आईटी, स्वास्थ्य सेवाएं, पर्यटन, कृषि, रिटेल, ऑटोमोबाइल, सुरक्षा, दूरसंचार, मीडिया और बैंकिंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। विद्यार्थियों को इन पाठ्यक्रमों के तहत सैद्धांतिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
