राकेश शर्मा । देहरा : सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के तत्वावधान में राज्य कार्य योजना फॉर सीनियर सिटीजन्स के अंतर्गत इंटर जनरेशनल वॉडिग(अंतर-पीढ़ीगत बंधन) कार्यक्रम का आयोजन राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, नेहरन पुखर में किया गया। तहसील कल्याण अधिकारी देहरा द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त ने सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों और युवा पीढ़ी के बीच संवाद एवं आपसी समझ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।
कार्यक्रम के दौरान भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने इस विषय सहित वरिष्ठ नागरिकों के साथ बढ़ते साइबर अपराध, युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति तथा बदलते सामाजिक परिवेश में परिवारों के बीच संवाद की आवश्यकता जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। प्रतियोगिता में ज्योति ने प्रथम, कृष ने द्वितीय तथा निधि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि वैश्वीकरण और प्रौद्योगिकी के तेजी से विस्तार के कारण युवा पीढ़ी रोजगार एवं बेहतर अवसरों की तलाश में घरों और गांवों से बाहर जा रही है। ऐसे में अंतर-पीढ़ीगत संवाद और पारिवारिक जुड़ाव को बनाए रखना और भी महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि इस संदेश को केवल कार्यक्रमों तक सीमित न रखते हुए घर-घर और गांव-गांव तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि आज मोबाइल और डिजिटल तकनीक ने जहां जीवन को सुविधाजनक बनाया है, वहीं कई बार परिवार के सदस्यों के बीच प्रत्यक्ष संवाद भी कम हुआ है। घरों में बातचीत का सकारात्मक माहौल बनाने की आवश्यकता है। छोटे-बड़े आपस में नियमित रूप से संवाद करें और वरिष्ठजन भी नई पीढ़ी की सोच एवं परिस्थितियों को समझते हुए सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखें।
उपायुक्त ने कहा कि नई पीढ़ी की आकांक्षाओं को सही दिशा देने की आवश्यकता है। युवाओं को उनकी ऊर्जा, प्रतिभा और आकांक्षाओं के अनुरूप सकारात्मक अवसर उपलब्ध करवाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ती नशे की समस्या के पीछे अनेक सामाजिक कारण हैं और स्व-केंद्रित सोच के बजाय आपसी सहयोग, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को दूसरे के दृष्टिकोण का सम्मान करना चाहिए। परिवार और समाज में विचारों की भिन्नता स्वाभाविक है, लेकिन संवाद और समझ के माध्यम से मतभेदों को दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता केवल सोच बदलने की नहीं, बल्कि व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने की है।
उपायुक्त ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव और जीवन ज्ञान नई पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन का स्रोत हैं। वहीं युवाओं की नई सोच, ऊर्जा और तकनीकी समझ समाज को आगे बढ़ाने में सहायक हो सकती है। दोनों पीढ़ियों के बीच संवाद और सहयोग से ही एक संवेदनशील, समावेशी और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
इस अवसर पर एसडीएम देहरा कुलवंत सिंह पोटन, आईंटीआई नेहरन पुखर के प्रधानाचार्य ललित कुमार, तहसील कल्याण अधिकारी, देहरा विपुल शर्मा, वरिष्ठ नागरिक फर्म के पदाधिकारी सहित आईटीआई के अध्यापक, प्रशिक्षु, कर्मचारी, क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
