जुलाई में बघेल ने नेतृत्व बदलने की मांग पर कहा था—‘क्या यह गुड्डा-गुड़िया का खेल है?’; अब रिदमजीत ने चन्नी की तस्वीर के साथ पोस्ट किया ‘गुड्डा-गुड्डी ओह जांदे…’
चंडीगढ़, 4 अक्तूबर: पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर करीब चार महीने चली खींचतान, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के इस्तीफे और परगट सिंह की ताजपोशी के बाद पार्टी का पुराना ‘गुड्डा-गुड़िया’ बयान फिर चर्चा में आ गया है। जुलाई में कांग्रेस के तत्कालीन पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने नेतृत्व परिवर्तन की मांग को खारिज करते हुए कहा था कि हाईकमान का फैसला अंतिम है और यह कोई ‘गुड्डा-गुड़िया का खेल’ नहीं है कि फैसले बार-बार बदले जाएं।
अब पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बेटे रिदमजीत सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट में ‘गुड्डा-गुड्डी’ का जिक्र सामने आया है। इस पोस्ट को बघेल के पुराने बयान से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि रिदमजीत ने स्वयं इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश स्पष्ट नहीं किया है।
जुलाई में वड़िंग को हटाने की मांग पर बघेल ने दिया था बयान
जुलाई में पंजाब कांग्रेस के भीतर राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की मांग जोर पकड़ गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में कई असंतुष्ट नेताओं ने हाईकमान के सामने वड़िंग के नेतृत्व को लेकर आपत्तियां रखी थीं।
चन्नी समर्थक नेताओं की बघेल के साथ हुई बैठक में भी वड़िंग को हटाने की मांग रखी गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक इस बैठक में 90 से अधिक नेता शामिल हुए थे। इसके बावजूद हाईकमान ने उस समय वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला किया और चन्नी को चुनाव अभियान समिति की जिम्मेदारी दी।
इसके बाद 8 जुलाई को बघेल ने साफ कहा था कि हाईकमान का फैसला अंतिम है। उन्होंने सवाल किया था कि क्या यह ‘गुड्डा-गुड़िया का खेल’ है कि बार-बार निर्णय बदल दिए जाएं।
चार महीने बाद बदला वही राजनीतिक समीकरण
जुलाई में जिस फैसले को बघेल ने अंतिम बताया था, उसके करीब चार महीने बाद पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व बदल गया। हाईकमान ने राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने का फैसला किया। इसके बाद वड़िंग ने राहुल गांधी से मुलाकात कर इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने बाद में पार्टी के भीतर दबाव और गुटबाजी को अपने फैसले की प्रमुख वजहों में बताया।
अब वड़िंग की जगह जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया गया है।
चन्नी के बेटे की ‘गुड्डा-गुड्डी’ पोस्ट ने खींचा ध्यान
वड़िंग के हटने के बाद 3 अक्टूबर को रिदमजीत सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में आई। उन्होंने अपने पिता चरणजीत सिंह चन्नी की तस्वीर के साथ एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें ‘गुड्डा-गुड्डी ओह जांदे…’ जैसी पंक्ति दिखाई दी।
मीडिया रिपोर्टों में इस पोस्ट को जुलाई में बघेल के ‘गुड्डा-गुड़िया’ वाले बयान से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि रिदमजीत ने यह स्पष्ट नहीं किया कि पोस्ट के जरिए उनका निशाना किस पर था। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक वीडियो में चन्नी सरकार के 111 दिनों के कार्यकाल और उसके दौरान लिए गए फैसलों को भी दर्शाया गया है।
वड़िंग-बघेल की मुलाकात भी चर्चा में
दूसरी तरफ, वड़िंग के पद छोड़ने के बाद भूपेश बघेल के साथ उनकी मुलाकात और दोनों की तस्वीर भी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब जुलाई में चन्नी समर्थक नेताओं ने बघेल के सामने वड़िंग के नेतृत्व को लेकर अपनी आपत्तियां रखी थीं।
हालांकि उस समय वड़िंग और बघेल ने कई पार्टी कार्यक्रमों में साथ काम भी किया। जुलाई के अंत में पंजाब कांग्रेस के एक विरोध प्रदर्शन को दोनों ने संयुक्त रूप से नेतृत्व किया था।
अब बघेल भी प्रभारी नहीं, पायलट के हाथ में पंजाब की जिम्मेदारी
पंजाब कांग्रेस के समीकरणों में एक और बड़ा बदलाव यह है कि भूपेश बघेल अब पंजाब के प्रभारी नहीं हैं। उनकी जगह सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया है। वहीं वड़िंग की जगह परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है।
इस तरह जुलाई में शुरू हुआ नेतृत्व विवाद कई दौर की बैठकों और खेमेबंदी के बाद अक्टूबर में नेतृत्व परिवर्तन तक पहुंच गया। अब परगट सिंह के सामने अलग-अलग गुटों को साथ लेकर संगठन को चुनावी मोड में लाने की चुनौती है।
