जींद के तलौड़ा गांव में वारदात, बेटे को लगीं चार गोलियां; घटनास्थल से मिले 7 खोल, पिता समेत 6 लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज
जींद। हरियाणा के जींद जिले के तलौड़ा गांव में जमीन के बंटवारे को लेकर हुए विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। आरोप है कि पूर्व सरपंच मदनलाल ने अपने 26 वर्षीय इकलौते बेटे मुरारी की लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर हत्या कर दी। बुधवार रात हुई इस वारदात में मुरारी को चार गोलियां लगीं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस को घटनास्थल से सात खाली खोल मिले हैं। मृतक की पत्नी शिवानी की शिकायत पर पुलिस ने पिता, मां, ननदों और दो ग्रामीणों समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, मदनलाल चंडीगढ़ पुलिस में सब इंस्पेक्टर रह चुका है। नौकरी छोड़ने के बाद उसने चंडीगढ़ में घी की फैक्ट्री लगाई और कुछ दिन पहले ही वहां होटल भी शुरू किया था। मुरारी अपनी पत्नी शिवानी और ढाई साल के बेटे के साथ गांव में रहता था, जबकि मदनलाल अपनी पत्नी और छोटी बेटी के साथ चंडीगढ़ में रह रहा था। उसकी बड़ी बेटी विदेश में है।
शादी समारोह में आया था पूर्व सरपंच
बताया जाता है कि मदनलाल बुधवार को अपनी पत्नी के साथ तलौड़ा गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने आया था। कार्यक्रम के बाद वह गांव स्थित घर पहुंचा, जहां जमीन के बंटवारे को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि इसी दौरान मदनलाल ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से मुरारी पर सात राउंड फायर किए। मुरारी के सिर, गर्दन, छाती के पास और पेट में गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौत हो गई।
पत्नी का आरोप—पहले ही रची गई थी हत्या की साजिश
मृतक की पत्नी शिवानी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि 14 अक्टूबर को ही उसके पति की हत्या की योजना बना ली गई थी। उसके मुताबिक, गांव के कमलू और गुरबख्श मुरारी को घर बुलाकर ले गए थे। खतरे की आशंका होने पर मुरारी ने डायल-112 पर फोन कर पुलिस को सूचना भी दी थी।
शिवानी का आरोप है कि गुरबख्श मुरारी को अपने घर ले गया। वहां पहुंचने पर सास ने ससुर की ओर इशारा किया, जिसके बाद मदनलाल ने मुरारी पर गोलियां चला दीं। शिकायत के अनुसार, घटना के समय कुछ अन्य लोग भी मौके पर मौजूद थे। इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
डायल-112 पुलिस टीम को लेकर भी उठाए सवाल
शिवानी ने आरोप लगाया कि गोलीबारी के समय डायल-112 की टीम मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन गोलियां चलने के बाद पुलिसकर्मी वहां से भाग गए। हालांकि, सदर थाना पुलिस का कहना है कि टीम आरोपी को पकड़ने के लिए उसके पीछे गई थी। पुलिस और मृतक की पत्नी के बयानों में सामने आए इस अंतर की जांच महत्वपूर्ण होगी।
पहले भी धमकियां मिलने का दावा
शिवानी ने यह भी आरोप लगाया कि मुरारी ने जून में अपने पिता के खिलाफ शिकायत दी थी। उसके अनुसार, पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय मुरारी को बार-बार थाने बुलाया और समझौते का दबाव बनाया। उसने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, चरित्र पर सवाल उठाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
पिता समेत छह लोगों पर केस, मुख्य आरोपी फरार
सदर थाना प्रभारी कमल सिंह के मुताबिक, शिवानी की शिकायत के आधार पर मदनलाल, उसकी पत्नी मंजीत कौर, ननद पूजा और वंदना तथा ग्रामीण गुरबख्श और कमलू के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। घटनास्थल से सात खाली खोल बरामद हुए हैं। वारदात के बाद से मुख्य आरोपी मदनलाल फरार बताया जा रहा है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सहित जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
