गुजरात के बंदरगाहों पर 20 हजार करोड़ रुपये के नशीले पदार्थों की बरामदगी का उठाया मुद्दा; बोले- इतनी बड़ी खेप सुरक्षा व्यवस्था को पार कर कैसे पहुंच रही है?
चंडीगढ़। पंजाब में नशे की समस्या को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणियों पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पलटवार किया है। मान ने आरोप लगाया कि वर्ष 2007 से 2017 तक सत्ता में रही अकाली दल-भाजपा गठबंधन सरकार के कार्यकाल में पंजाब में बड़े ड्रग कार्टेल विकसित हुए थे। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान प्रमुख नशा तस्करों ने कई बड़े मंत्रियों के नाम भी लिए थे।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने गुजरात में नशीले पदार्थों की बड़ी बरामदगियों का मुद्दा उठाते हुए बंदरगाहों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि गुजरात में बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ पकड़े जाने की घटनाएं देश में इनकी आपूर्ति और तस्करी के नेटवर्क की गंभीरता को दर्शाती हैं।
गुजरात के बंदरगाहों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल
भगवंत मान ने कहा कि अधिकारियों ने गुजरात में 20 हजार करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ जब्त किए जाने की बात स्वीकार की है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बंदरगाहों पर सीमा शुल्क और सुरक्षा जांच की व्यवस्था मौजूद है, तो इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ वहां तक कैसे पहुंच रहे हैं।
मान ने कहा कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए सीमा पार तस्करी की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन बंदरगाहों के माध्यम से आने वाली बड़ी खेपों की निगरानी और जांच को लेकर भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने 3,000 किलोग्राम तक की खेपों का उल्लेख करते हुए गुजरात को देश में नशीले पदार्थों की आपूर्ति का प्रमुख केंद्र बताया। हालांकि, गुजरात को देश का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बताना मुख्यमंत्री का दावा है।
अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने पंजाब में नशा तस्करी के मुद्दे पर पिछली अकाली दल-भाजपा गठबंधन सरकार को भी घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि 2007 से 2017 के दौरान बड़े ड्रग कार्टेल विकसित हुए और उस समय कई प्रमुख तस्करों ने बड़े नेताओं के नाम लिए थे। ये आरोप मुख्यमंत्री के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।
मान की यह प्रतिक्रिया अमित शाह की ओर से पंजाब में नशे की समस्या पर चिंता जताने और सीमा पार से होने वाली तस्करी के खिलाफ कड़े कदम उठाने की जरूरत बताने के बाद आई है।
2027 के चुनावों पर भी दिया जवाब
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर अमित शाह के उस दावे को भी खारिज किया, जिसमें उन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार को सत्ता से हटाने की बात कही थी। मान ने कहा कि सरकार बनाने या बदलने का फैसला जनता करती है, किसी एक नेता के कहने से नहीं।
नशे के मुद्दे पर दोनों नेताओं के बयानों के बाद पंजाब में तस्करी के नेटवर्क, सीमा सुरक्षा और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है।
