1.3 करोड़ का पैकेज छोड़ कनाडा से बीर पहुंचे दंपति, पहाड़ों में शुरू किया होमस्टे

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दीप्ति नायर और धनंजय मोरे ने बचत के दम पर बदली जीवनशैली; ‘आहिस्ता स्टेज’ से छह महीने में 7 लाख रुपये का राजस्व मिलने का दावा

धर्मशाला। विदेश में अच्छी नौकरी, मोटा वेतन और बेहतर जीवनशैली के बावजूद कुछ लोग सुकून भरी जिंदगी के लिए अलग राह चुनते हैं। ऐसा ही फैसला भारतीय दंपति दीप्ति नायर और धनंजय मोरे ने लिया। कनाडा में करीब चार साल बिताने और संयुक्त रूप से लगभग 1.3 करोड़ रुपये का सालाना पैकेज पाने के बाद दोनों ने कॉर्पोरेट जीवन छोड़कर हिमाचल प्रदेश के बीर में बसने का निर्णय लिया। अब वे यहां अपना कारोबार आगे बढ़ाने के साथ अपेक्षाकृत शांत जीवन जी रहे हैं।

कोविड के दौरान बीर की यात्रा ने बदली सोच

दंपति वर्ष 2020 में कनाडा गए थे। वहां धनंजय टेक सेल्स के क्षेत्र में वरिष्ठ पद पर काम करते थे, जबकि दीप्ति एक अमेरिकी विज्ञापन एजेंसी में मार्केटिंग स्ट्रैटेजिस्ट थीं। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में उन्होंने बताया कि कनाडा में कुछ साल बिताने के बाद उन्होंने जीवनशैली और भविष्य की प्राथमिकताओं पर दोबारा विचार किया।

कोविड महामारी के दौरान बीर की यात्रा ने उन्हें इस पहाड़ी कस्बे की प्राकृतिक सुंदरता और शांत माहौल से परिचित कराया। कनाडा छोड़ने का फैसला करते समय उन्होंने मुंबई या दिल्ली जैसे महानगरों के बजाय बीर को अपना नया ठिकाना बनाया। उनका उद्देश्य ऐसा जीवन जीना था, जिसमें काम के साथ व्यक्तिगत रुचियों और सपनों के लिए भी समय मिल सके।

22 लाख रुपये के फंड से शुरू किया होमस्टे

नई शुरुआत के लिए दंपति ने वित्तीय योजना तैयार की और करीब 22 लाख रुपये का फंड अलग रखा। इसमें से लगभग 10 लाख रुपये लगाकर उन्होंने ‘Aahista Stays’ नाम से बुटीक होमस्टे शुरू किया। दीप्ति के मुताबिक, कारोबार के शुरुआती छह महीनों में करीब 7 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

हालांकि, होमस्टे से होने वाली कमाई अभी उनकी सभी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है, लेकिन इससे रोजमर्रा के खर्चों में मदद मिल रही है और भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ाने का आधार तैयार हुआ है।

नौकरी और कंटेंट क्रिएशन से भी आय

कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने के बावजूद दंपति ने कमाई के दूसरे रास्ते खुले रखे हैं। धनंजय एक अमेरिकी कंपनी के साथ रिमोट आधार पर काम कर रहे हैं, जिससे उन्हें नियमित आय मिलती है। वहीं, दीप्ति कंटेंट क्रिएशन और अन्य रचनात्मक परियोजनाओं पर काम कर रही हैं। उन्होंने कंटेंट क्रिएशन से स्थायी आय विकसित करने के लिए अगले साल अप्रैल तक का लक्ष्य तय किया है।

सुकून के साथ कुछ सुविधाओं की कमी भी

दीप्ति के अनुसार, बीर में रहने का एक बड़ा फायदा महानगरों के मुकाबले कम खर्च और शांत वातावरण है। हालांकि, इस जीवनशैली के कुछ समझौते भी हैं। बड़े शहरों के शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स और पुराने दोस्तों से दूरी उन्हें खलती है।

दंपति का अनुभव बताता है कि बेहतर वेतन वाली नौकरी छोड़कर अपनी पसंद का जीवन चुनने के लिए केवल साहस ही नहीं, बल्कि पर्याप्त बचत, वैकल्पिक आय के साधन और वित्तीय सुरक्षा की योजना भी जरूरी है।

फोटो कैप्शन: कनाडा की कॉर्पोरेट जिंदगी छोड़ हिमाचल के बीर में होमस्टे कारोबार शुरू करने वाले दीप्ति नायर और धनंजय मोरे।

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