कि लोकसभा में खेती सुधार कानूनों के खिलाफ उठाने की गई मांग,सांसद ने उठाने का दिया अश्वासन किया

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गढ़शंकर – सिविल अस्पताल गढ़शंकर में डायलेसिस सेंटर का उद्घाटन करने आए आनंदपुर साहिब से कांग्रेस पार्टी के सांसद मनीष तिवारी को किसान सगठनों ने चेतावनी पत्र देते हुए मांग की कि वह लोकसभा में खेती सुधार कानूनों, पास किए दो ऑर्डिनेंस को रद्द करने व फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून का दर्जा देने की मांग को लोकसभा में उठाये। चेतावनी पत्र सौंपते हुए कुल हिंद किसान सभा के महासचिव कामरेड दर्शन सिंह मट्टू, जनवादी महिला सभा की बीबी सुभाष मट्टू, कामरेड रविंदर कुमार नीटा व जनरैल सिंह नागरा ने कहा कि वह आशा करते हैं कि संसद मनीष तिवारी लोकसभा के मानसून सत्र में खेती कानूनों को रद्द करने, दो ऑर्डिनेंस जिसमे पराली जलाने, बिजली संशोधन बिल को वापस लेने व 21 फसलो के न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून का दर्जा देते हुए कानून बनाने की किसानों की मांग को लोकसभा में रखें। उन्होंने कहा कि खेती कानूनों के रद्द होने तक किसान आंदोलन चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा में वाकआउट करना या हाउस से गैरहाजिर होने पर मोदी सरकार का समर्थन माना जाएगा। इस दौरान किसानों से बात करते हुए सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्टैंड है कि खेती सुधार कानूनों को रद्द कर किसानों की मांग मानी जाए। उन्होंने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि वह किसानों की आवाज को संसद के मानसून सत्र में पहल के आधार पर रहेंगे।

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