80 प्रतिशत सब्सिडी -मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना से करें प्राप्त : ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए वरदान साबित हो सकती है यह योजना

by
रोहित भदसाली।  हमीरपुर 03 नवंबर। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को कृषि, बागवानी और पशुपालन के साथ-साथ आय के अन्य साधन विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कई महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। इसी कड़ी में प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना आरंभ की है। प्रदेश सरकार ने इस योजना के तहत 80 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के युवाआंे के लिए वरदान साबित हो सकती है।
मत्स्य पालन निदेशालय बिलासपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया काफी सरल है। कार्प मछली के पालन के लिए तालाब बनाने के इच्छुक लोग अपने जिला के मत्स्य पालन अधिकारी के समक्ष निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदक के पास सभी ऋणभारों से मुक्त तथा स्कीम घटक की स्थापना के लिए अपनी उपयुक्त भूमि होनी चाहिए। अगर कोई आवेदक तालाब बनाने के लिए पट्टे पर जमीन ले रहा है तो पट्टे की अवधि आवेदन प्रस्तुत करने की तारीख से न्यूनतम दस वर्ष की होनी चाहिए और पंजीकृत पट्टा दस्तावेज को आवेदन में शामिल करना होगा। उसे अपनी आयु के प्रमाण के रूप में मैट्रिक का प्रमाण पत्र या कोई अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। इसके अलावा आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक खाते का विवरण भी जमा करवाना होगा।
परियोजना रिपोर्ट केवल संबंधित क्षेत्र के वरिष्ठ मत्स्य पालन अधिकारी की सिफारिश पर ही स्वीकार की जाएगी। पहली प्राथमिकता बेरोजगार युवाओं को दी जाएगी। आवेदन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर निपटाया जाएगा। इसमें नए आवेदकों को वरीयता दी जाएगी। परियोजना सब्सिडी को विभाग से अनुमति मिलने के बाद तालाब के निर्माण के लिए सब्सिडी दो किश्तों में जारी की जाएगी। पहली किश्त के रूप में 50 प्रतिशत राशि संबंधित क्षेत्र के वरिष्ठ मत्स्य अधिकारी की सिफारिश पर 50 प्रतिशत कार्य पूरा होने पर जारी की जाएगी। दूसरी किश्त 100 प्रतिशत कार्य होने पर दी जाएगी।
इसके बाद प्रथम वर्ष की इनपुट सब्सिडी प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को प्रथम वर्ष के इनपुट के पूर्ण बिल विभाग को प्रदान करने होंगे। परियोजना के पूरा होने पर लाभार्थी विभिन्न नियमों और शर्तों के बारे में विभाग के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करेगा। परियोजना के पूर्ण होने के पश्चात लाभार्थी को अपने संसाधनों से कम से कम सात साल तक तालाबों का रखरखाव सुनिश्चित करना होगा और इस अवधि के दौरान इनमें मछली पालन करेगा।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

ठियोग बैली ब्रिज और गिरी पेयजल योजना का उपायुक्त आदित्य नेगी ने किया किया निरीक्षण : आगामी सेब सीजन के मद्देनजर नेरी पुल और माई पुल पर यातायात सुचारू रखने के दिए निर्देश

शिमला 11 जुलाई – उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर ठियोग बैली ब्रिज का निरीक्षण किया और डंगे के कार्य को प्राथमिकता पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने...
article-image
हिमाचल प्रदेश

डॉक्टर को 2.7 करोड़ का चूना : ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर, ठगी का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

नाथ। शिमला : आनलाइन शेयर मार्केट में  निवेश के नाम पर 2.7 करोड़ की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने उत्तर प्रदेश से मुख्य आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार किया है। गौतम बुद्ध जिले...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हिमाचल प्रदेश

भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य : कैप्टन अमरिंदर सिंह व सुनील जाखड़ बने

राणा गुरमीत सिंह सोढी, मनोरंजन कालिया, अमनजोत कौर स्पैशन इनवाइटी व जैवी शेरगिल राष्ट्रीय वक्ता नियुक्त नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व पूर्व प्रदेश कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़...
article-image
समाचार , हिमाचल प्रदेश

चंबा में पहला ग्रीन हाइड्रोजन आधारित मोबिलिटी स्टेशन होगा स्थापित : मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू

मुख्यमंत्री ने शिमला से वर्चुअल माध्यम से मिंजर मेले का समापन किया , चंबा के लिए 120.44 करोड़ रुपये की विकासात्मक परियोजना समर्पित की एएम नाथ। शिमला मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला...
Translate »
error: Content is protected !!