अमृतसर, 19 अगस्त। अमृतसर देहात और कमिश्नरेट पुलिस ने नशा तस्करी तथा अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग मामलों में 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 15 पिस्तौल, 10 किलो से अधिक हेरोइन, 1.476 किलो मेथामफेटामाइन (आइस), करीब 13 लाख रुपये की ड्रग मनी, जिंदा कारतूस और चोरी की बाइक बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, हथियारों की तस्करी का नेटवर्क पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए संचालित किया जा रहा था। जांच में इस नेटवर्क के तार पंजाब के अलावा राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली तक जुड़े होने की बात सामने आई है।
अमृतसर देहात पुलिस ने 8 आरोपियों को किया गिरफ्तार
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीआईजी बॉर्डर रेंज हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि अमृतसर देहात पुलिस ने इंटेलिजेंस, ह्यूमन इंटेलिजेंस और आईटी आधारित जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए 7 पिस्तौल बरामद किए।
इनमें तीन विदेशी निर्मित और चार पाकिस्तान में बने 30 बोर के पिस्तौल शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने 1.476 किलो आइस और 1.5 किलो हेरोइन बरामद की है। इस मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पांच एफआईआर दर्ज की गई हैं।
कमिश्नरेट पुलिस ने बरामद किए 8 पिस्तौल
कमिश्नरेट पुलिस की कार्रवाई में 8 पिस्तौल बरामद किए गए। इनमें तीन 30 बोर, चार 9 एमएम ग्लॉक और एक 32 बोर पिस्तौल शामिल हैं।
पुलिस ने इसके अलावा 8 किलो 536 ग्राम हेरोइन, करीब 13 लाख रुपये की ड्रग मनी, जिंदा कारतूस और चोरी की बाइक बरामद की है। इस मामले में नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
शूटिंग और सुपारी किलिंग में इस्तेमाल होते थे हथियार
डीआईजी हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि बरामद अवैध हथियारों का इस्तेमाल शूटिंग, हत्या, सुपारी किलिंग, रंगदारी के लिए धमकी भरे फोन और घरों-दुकानों पर फायरिंग जैसी वारदातों में किया जाता था।
पुलिस अब इस नेटवर्क के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच कर रही है। डीआईजी ने संकेत दिया कि जांच के आधार पर आने वाले दिनों में बड़े तस्करों और कथित गैंगस्टरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
गिरफ्तार आरोपियों में एक की उम्र 46 वर्ष है, जबकि अधिकांश आरोपी 20 से 26 वर्ष की आयु के बताए जा रहे हैं।
युवाओं को गैंगस्टरों से दूर करने के लिए ‘सही राह’ अभियान
डीआईजी ने बताया कि पंजाब पुलिस युवाओं को गैंगस्टरों और बदमाशों के प्रभाव से बचाने के लिए ‘सही राह’ अभियान शुरू कर रही है। उन्होंने कहा कि गैंगस्टर अक्सर युवाओं को पैसे, गाड़ी या अन्य लालच देकर छोटे-मोटे अपराधों में इस्तेमाल करते हैं और बाद में उन्हें धमकाकर अपराध की दुनिया में धकेल देते हैं।
अभियान के तहत गांवों में गुरुद्वारों के माध्यम से जागरूकता अनाउंसमेंट भी करवाई जा रही हैं। पुलिस युवाओं से अपील कर रही है कि यदि कोई युवा अनजाने में ऐसे नेटवर्क के संपर्क में आ गया है तो वह डरने के बजाय पुलिस से संपर्क करे।
डीआईजी ने कहा कि ऐसे मामलों में पुलिस नरमी बरतते हुए युवाओं को अपराध की राह से वापस मुख्यधारा में लाने का प्रयास करेगी। लोग सीधे थाने, पुलिस चौकी, एसएसपी या डीएसपी कार्यालय पहुंचकर पुलिस को जानकारी दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस का लक्ष्य युवाओं को अपराध से दूर करना और नशे तथा अवैध हथियारों के पूरे नेटवर्क को तोड़ना है।
