जालंधर। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को जालंधर के नौगज्जा में श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र की नींव रखी। इस मौके पर डेरा बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह उनके लिए गर्व और खुशी का अवसर है कि नौगज्जा में ऐसा अध्ययन केंद्र बनने जा रहा है, जहां आने वाली पीढ़ियां श्री गुरु रविदास महाराज के जीवन और उनकी बाणी पर शोध कर सकेंगी।
उन्होंने कहा कि यह केंद्र युवाओं को ज्ञान और धर्म से जोड़ने का काम करेगा। यहां बच्चों और शोधकर्ताओं को गुरु रविदास महाराज के जीवन, विचारों और बाणी के बारे में अध्ययन करने का अवसर मिलेगा।
‘हमें पंजाब बनाना है, कैलिफोर्निया नहीं’
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पंजाब सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य पंजाब को मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि पहले बच्चे सरकारी स्कूलों में भोजन के लिए जाते थे, लेकिन अब वे पढ़ाई करने के लिए स्कूल जा रहे हैं।
भगवंत मान ने सरकार की महिलाओं के लिए शुरू की गई आर्थिक योजनाओं का भी जिक्र किया और कहा कि इन योजनाओं को लेकर विरोधी सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि जनता उन्हें समर्थन देती रहेगी तो सरकार लोगों के हित में काम करती रहेगी।
संत निरंजन दास की मौजूदगी पर जताई खुशी
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने डेरा बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास की कार्यक्रम में मौजूदगी पर विशेष खुशी जताई। उन्होंने कहा कि संत निरंजन दास को कार्यक्रम में इतनी देर तक रोकने के लिए उन्होंने उनसे आग्रह किया था।
मुख्यमंत्री ने संत निरंजन दास को पद्मश्री सम्मान मिलने का भी उल्लेख किया और इसे पूरे समाज के लिए खुशी की बात बताया।
उन्होंने कहा कि नौगज्जा में बनने वाला अध्ययन केंद्र आने वाली पीढ़ियों को ज्ञान से जोड़ेगा और उन्हें गुरु रविदास महाराज के विचारों एवं शिक्षाओं से परिचित कराएगा।
दलित वोट बैंक को लेकर राजनीतिक हलचल
इस परियोजना को लेकर पंजाब की राजनीति में भी चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों के बीच इसे रविदासिया समुदाय के बीच राजनीतिक पहुंच मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
कांग्रेस और भाजपा के बाद आम आदमी पार्टी की गतिविधियों को भी इसी राजनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है। कांग्रेस की ओर से इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की कोशिशों का दावा किया गया है, जबकि भाजपा सरकार के दौरान जालंधर एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास महाराज के नाम पर रखने और डेरा बल्लां प्रमुख संत निरंजन दास को पद्मश्री सम्मान दिए जाने का मुद्दा भी चर्चा में रहा है।
दोआबा की राजनीति में डेरा बल्लां का प्रभाव
जालंधर के बल्लां स्थित डेरा बल्लां का दोआबा की राजनीति में महत्वपूर्ण प्रभाव माना जाता है। इसका प्रभाव जालंधर, नवांशहर, होशियारपुर और कपूरथला जिलों की कई विधानसभा सीटों पर माना जाता है।
डेरा बल्लां से बड़ी संख्या में संगत जुड़ी हुई है, जिसके चलते सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेता समय-समय पर डेरे में पहुंचते रहे हैं।
1 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी डेरा बल्लां पहुंचकर संत निरंजन दास से मुलाकात की थी। इसके बाद 17 जुलाई को जालंधर कैंट दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने श्री गुरु रविदास महाराज के नाम पर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई और संत निरंजन दास से मुलाकात की।
कांग्रेस नेताओं का भी डेरा बल्लां में आना-जाना रहा है। अब श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र की नींव रखकर आम आदमी पार्टी ने भी रविदासिया समुदाय के बीच अपनी मौजूदगी और राजनीतिक संदेश को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
