HRTC में डिविजनल मैनेजर पदोन्नति मामले में हाईकोर्ट का सख्त रुख : 2 सप्ताह में DPC की कार्यवाही पूरी करने के निर्देश;

by

शिमला: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने एचआरटीसी में डिविजनल मैनेजर (कॉमर्स) पद पर पदोन्नति से जुड़े मामले में निगम को दो सप्ताह के भीतर विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की कार्यवाही को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ ने स्पष्ट किया कि केवल वरिष्ठता विवाद लंबित होने के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता। कोर्ट ने एचआरटीसी को निर्देश दिया कि 24 जून 2025 को हुई DPC की बैठक के कार्यवृत्त पर 20 अक्तूबर 2026 तक निर्णय लिया जाए।

कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि DPC ने याचिकाकर्ता विशाल शर्मा के नाम की डिविजनल मैनेजर (कॉमर्स) पद पर पदोन्नति के लिए सिफारिश की है तो निर्धारित अवधि के भीतर पदोन्नति आदेश भी जारी किया जाए।

1996 में क्लर्क के रूप में शुरू की थी नौकरी

मामले के अनुसार विशाल शर्मा ने 26 नवंबर 1996 को एचआरटीसी में क्लर्क के रूप में सेवा शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने अधीनस्थ लेखा सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की और 29 जून 2006 को सेक्शन ऑफिसर पद पर पदोन्नत हुए।

इसके बाद 25 अप्रैल 2015 को उन्हें असिस्टेंट कंट्रोलर (वित्त एवं लेखा) और 26 सितंबर 2022 को डिप्टी कंट्रोलर (वित्त एवं लेखा) पद पर पदोन्नत किया गया। आरएंडपी नियमों के तहत डिप्टी कंट्रोलर (वित्त एवं लेखा) से डिविजनल मैनेजर (कॉमर्स) पद पर पदोन्नति का प्रावधान है।

याचिकाकर्ता का कहना था कि डिविजनल मैनेजर (कॉमर्स) का पद अक्तूबर 2024 में खाली हुआ था और उस समय तक वह आवश्यक दो वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर चुके थे। 30 नवंबर 2024 की अंतिम वरिष्ठता सूची में भी उनका नाम डिप्टी कंट्रोलर (वित्त एवं लेखा) के पद पर पहले स्थान पर था।

DPC हुई, लेकिन सिफारिशों पर नहीं हुआ फैसला

याचिकाकर्ता के अनुसार पद खाली होने के बावजूद पदोन्नति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई। इसके बाद 24 जून 2025 को DPC की बैठक हुई, लेकिन उसकी सिफारिशों के परिणाम को घोषित नहीं किया गया। इसके बाद विशाल शर्मा ने हाई कोर्ट का रुख किया।

निगम ने अध्यक्ष की मंजूरी नहीं मिलने की दी जानकारी

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सरकार और निगम को कई बार जवाब दाखिल करने का अवसर दिया। 1 सितंबर के आदेश में भी कोर्ट ने अंतिम अवसर देते हुए कहा था कि यदि DPC का परिणाम घोषित करने में कोई बाधा नहीं है तो अगली तारीख तक परिणाम घोषित किया जाए।

इसके बावजूद निगम की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया गया। बाद में निगम ने कोर्ट को बताया कि DPC की कार्यवाही अध्यक्ष की मंजूरी के लिए भेजी गई थी, लेकिन मंजूरी नहीं मिली। निगम के अनुसार कुछ अधिकारियों की ओर से उठाए गए अभ्यावेदन और अदालत में लंबित मामलों को देखते हुए पूरे मामले की दोबारा जांच के लिए कार्यवाही वापस भेजी गई थी।

हाई कोर्ट ने अब निगम को निर्धारित समय में DPC की कार्यवाही पर निर्णय लेने और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राज्य प्रभारी को कोई नाम नहीं सुझाया: सीएम सुक्खू

एएम नाथ । शिमला : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को कहा कि उन्होंने पर्वतीय राज्य के लिए पार्टी की प्रभारी रजनी पाटिल को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए...
article-image
हिमाचल प्रदेश

नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जिला कल्याण कार्यालय में दिलाई गई नशामुक्ति की शपथ

नशा व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए घातक : मंजुल ठाकुर एएम नाथ। चम्बा :  भारत सरकार द्वारा संचालित “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत जिला कल्याण कार्यालय, चम्बा द्वारा नशा उन्मूलन एवं जन-जागरूकता...
article-image
हिमाचल प्रदेश

भर्ती रैली में 2310 में से 1955 अभ्यर्थियों ने दिया फिजिकल टेस्ट : अग्निवीर भर्ती में फिजिकल टेस्ट देने के लिए पांचवें दिन पहुंचे 317 अभ्यर्थी

मंडी, 24 दिसम्बर :   अग्निवीर भर्ती रैली के पांचवें दिन रविवार को 317 अभ्यर्थी फिजिकल टेस्ट देने के लिए मंडी के पड्डल ग्राउंड पहुंचे। पांचवें दिन जिला मंडी की सदर तहसील से लिखित परीक्षा...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में आयोजित 43वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का किया दौरा

एएम नाथ। शिमला/ नई दिल्ली  : मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में प्रगति मैदान में आयोजित 43वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का दौरा किया। 14 नवम्बर से शुरू हुआ यह मेला 27...
Translate »
error: Content is protected !!