चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने अवैध कॉलोनियों में प्लॉट मालिकों के लिए बड़ा ऐलान किया है। अब लोग अपने प्लॉट की रजिस्ट्री कराने के लिए NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) की चिंता नहीं करेंगे। इसके साथ ही, अवैध कॉलोनियां विकसित करने वाले प्रमोटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
एमनेस्टी स्कीम से होगी मदद
पंजाब हाउसिंग और अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्टर हरदीप सिंह मुंडियन ने बताया कि सरकार ने उन प्लॉट होल्डर्स के लिए एमनेस्टी स्कीम लागू की है जो अपनी बकाया किश्तें जमा नहीं कर सके हैं, निर्माण निर्धारित समय में पूरा नहीं कर पाए या नॉन-कंस्ट्रक्शन फीस जमा नहीं कर पाए। इस कदम का उद्देश्य पुराने विवादों को खत्म करना और शहरी विकास को बनाए रखना है।
प्रोजेक्ट्स की डेडलाइन बढ़ी
मंत्री ने बताया कि लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए, मेगा प्रोजेक्ट्स और लाइसेंस्ड प्रोजेक्ट्स की कंप्लीशन डेडलाइन को अब 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा, प्रमोटरों को इन प्रोजेक्ट्स के लिए अधिकतम पांच साल का एक बार एक्सटेंशन भी दिया जाएगा।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए कदम
सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए रिज़र्व ज़मीन का सही उपयोग सुनिश्चित करने हेतु EWS लैंड पॉकेट्स के मोनेटाइज़ेशन की नई पॉलिसी भी नोटिफ़ाई की है। इससे मिलने वाला रेवेन्यू विशेष रूप से EWS हाउसिंग और उनकी भलाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
पेंडिंग मामलों के लिए मेगा कैंप
अलॉटीज़, डेवलपर्स और प्रमोटर्स से जुड़े लंबित मामलों को निपटाने के लिए विभाग द्वारा मेगा कैंप आयोजित किया जाएगा। इसका मकसद लोगों का भरोसा मजबूत करना और शहरी विकास को गति देना है।
