डिजास्टर एक्ट की आड़ में लोकतंत्र का गला घोंट रही सुक्खू सरकार, हाईकोर्ट का निर्णय ऐतिहासिक : जयराम ठाकुर

by

सरकार ने छीने, न्यायपालिका ने बहाल किए जनता के अधिकार

5 महीने से चुनाव टालने की साजिश का पर्दाफाश

कांग्रेस का दोहरा चरित्र संविधान बचाने का ढोंग और सत्ता में उड़ा रहे हैं संविधान की धज्जियां

एएम नाथ। ​मंडी/शिमला : हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज और नगर निकायों के चुनावों को लेकर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा सुनाए गए फैसले के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस निर्णय को ‘ऐतिहासिक’ और ‘लोकतंत्र की जीत’ करार देते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि न्यायालय का यह फैसला उन ताकतों के लिए एक कड़ा सबक है, जो सत्ता के मद में चूर होकर संवैधानिक मर्यादाओं को कुचलने का प्रयास कर रही हैं।
​नेता प्रतिपक्ष ने सुक्खू सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पिछले पांच महीनों से प्रदेश में डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट का हवाला देकर चुनावों को टालने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। ठाकुर ने कड़े शब्दों में कहा, “यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस कानून का उपयोग आपदा के समय लोगों की जान और माल की रक्षा के लिए होना चाहिए, सुक्खू सरकार उसका उपयोग अपनी खिसकती राजनीतिक जमीन को बचाने के लिए कर रही है। आपदा की आड़ में लोकतंत्र का गला घोंटना कांग्रेस की पुरानी कार्यसंस्कृति रही है।”
​जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार चुनावों से भयभीत है और जनता का सामना करने से कतरा रही है। इसी डर के कारण सरकार नियमों को ढाल बनाकर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बाधित कर रही है।
​कांग्रेस पर निशाना साधते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस के नेता पूरे देश में संविधान की किताब हाथ में लेकर घूमने का नाटक करते हैं और “संविधान बचाओ” का ढोंग करते हैं, लेकिन दूसरी तरफ जहाँ भी उन्हें मौका मिलता है, वे स्वयं संविधान की धज्जियां उड़ाने से बाज नहीं आते। उन्होंने कहा, “हिमाचल प्रदेश में ग्राम पंचायत, नगर निगम और नगर निकायों के चुनाव में सरकार जिस तरीके से मनमानी पर उतारू है, उससे यह साफ है कि सुक्खू सरकार को किसी भी कायदे-कानून और संविधान की चिंता नहीं है। हिमाचल की जनता देख रही है कि किस तरह संवैधानिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है।”
​ठाकुर ने राज्य चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए सवालों और आयोग पर बनाए जा रहे दबाव पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं को निष्पक्ष काम करने से रोक रखा है। ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि चुनाव आयोग को स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने के बजाय सरकार के इशारों पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। एक स्वायत्त संस्था को इस तरह पंगु बनाना लोकतंत्र के भविष्य के लिए खतरे की घंटी है। माननीय उच्च न्यायालय का हस्तक्षेप यह साबित करता है कि सरकार की नीयत कभी साफ नहीं थी और वह केवल वक्त काटना चाहती थी।”
​हाईकोर्ट के डबल बेंच के फैसले पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की प्रतिक्रिया को नेता प्रतिपक्ष ने हास्यास्पद बताया। जयराम ठाकुर ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि मुख्यमंत्री अब न्यायालय के स्पष्ट आदेशों की भी अपनी सुविधा के अनुसार ‘इंटरप्रिटेशन’ (व्याख्या) कर रहे हैं।
​उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा, “आपदा प्रभावितों के बीच आपदा राहत के पैसे से जश्न मनाने वाले लोग जब नियमों और डिजास्टर एक्ट की दुहाई देते हैं, तो वह हास्यास्पद लगता है। जो सरकार आपदा में उत्सव ढूंढती हो, उसके मुंह से कानून की बातें शोभा नहीं देतीं।”
​जयराम ठाकुर ने अंत में कहा कि भारतीय जनता पार्टी माननीय उच्च न्यायालय के इस फैसले का पुरजोर स्वागत करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार भले ही चुनावों से भागने के कितने भी रास्ते तलाश ले, लेकिन अंततः न्यायपालिका ने जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को सर्वोपरि रखा है। उन्होंने सरकार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि वह अब और हथकंडे अपनाना बंद करे और चुनाव आयोग को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने दे। उन्होंने मांग की कि प्रदेश में जल्द से जल्द रुकी हुई लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को पूरा किया जाए ताकि स्थानीय निकायों में जन-प्रतिनिधियों का चुनाव सुनिश्चित हो सके।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

16.91 लाख हुए हिमाचल में भाजपा के प्राथमिक सदस्य : सक्रिय सदस्यता 26 हज़ार पार

 एएम नाथ। चंडीगढ़ / शिमला : हिमाचल प्रदेश में भाजपा की संगठनात्मक स्थिति और सदस्यता का आंकड़ा बढ़ रहा है। राज्य में भाजपा के 16 लाख से अधिक प्राथमिक 26 हजार सक्रिय सदस्य हैं।...
article-image
हिमाचल प्रदेश

सेक्टर-42 गर्ल्स कॉलेज के रिलीव आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने प्रिंसिपल से की मुलाकात : 2 दिन में समाधान का आश्वासन

बहाली न होने पर उच्च शिक्षा विभाग के खिलाफ आंदोलन को मजबूर होगी फैडरेशन – रंजीत मिश्रा पुनीत महाजन :  चंडीगढ़, 1 जून। गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स, सेक्टर-42 से रिलीव किए गए आउटसोर्सिंग कर्मचारियों...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

सड़क से संसद तक उग्र प्रदर्शन और लाठीचार्ज, देखते ही देखते कैसे हिंसक झड़प में बदला CJP का आंदोलन?

नई दिल्ली : संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत हुई, लेकिन पहला ही दिन भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया. एक तरफ संसद के भीतर विपक्ष के तीखे विरोध के कारण लोकसभा और राज्यसभा...
article-image
हिमाचल प्रदेश

42 नई वोल्वो बसें, 240 इलेक्ट्रिक बसें और डीजल बसें जल्द हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम में शामिल होंगी : अजय वर्मा

एचआरटीसी के उपाध्यक्ष का कांगड़ा में भव्य स्वागत* कांगड़ा, 05 फरवरी। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष अजय वर्मा का बुधवार को कांगड़ा पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। उपाध्यक्ष बनने के...
Translate »
error: Content is protected !!