एएम नाथ। बिलासपुर, 27 अगस्त। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने गुरुवार को विशिष्ट दत्तक ग्रहण एजेंसी (एसएए) केंद्र, शिशु गृह और वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दोनों केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, व्यवस्थाओं और जरूरतमंदों को प्रदान की जा रही सेवाओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
अनाथ और परित्यक्त बच्चों को मिलेगा सुरक्षित आश्रय
उपायुक्त ने बताया कि बिलासपुर में विशिष्ट दत्तक ग्रहण एजेंसी केंद्र हाल ही में शुरू किया गया है। इसके शुरू होने से जिले में अनाथ, परित्यक्त और आत्मसमर्पित बच्चों को सुरक्षित आश्रय, संरक्षण और समुचित देखभाल की सुविधा उपलब्ध होगी।
वर्तमान में केंद्र में कोई बच्चा नहीं है, लेकिन आवश्यकता के अनुसार भविष्य में बच्चों को यहां रखा जाएगा। निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत बच्चों के पुनर्वास और दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया भी इसी केंद्र के माध्यम से संचालित की जाएगी।
राहुल कुमार ने कहा कि केंद्र में बच्चों की देखभाल और संरक्षण के लिए सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र की व्यवस्थाओं को जरूरत के अनुरूप मजबूत किया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिल सके।
वन स्टॉप सेंटर में अब तक 700 मामले दर्ज
इसके बाद उपायुक्त ने वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया और घरेलू हिंसा तथा अन्य प्रकार की हिंसा से प्रभावित महिलाओं को उपलब्ध करवाई जा रही सेवाओं की जानकारी ली।
विभागीय जानकारी के अनुसार 24 दिसंबर 2018 से 27 अगस्त 2026 तक वन स्टॉप सेंटर में कुल 700 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें 700 मामलों में परामर्श, 375 मामलों में पुलिस सहायता, 377 में कानूनी सहायता एवं परामर्श, 70 में चिकित्सा सहायता, 154 में आश्रय सुविधा तथा 347 मामलों में महिला हेल्पलाइन के माध्यम से सहायता उपलब्ध करवाई गई।
अधिकारियों ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित होता है। हिंसा से प्रभावित महिला स्वयं केंद्र पहुंच सकती है या संबंधित विभाग अथवा एजेंसी के माध्यम से उसे यहां लाया जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर महिला अपने बच्चों के साथ अधिकतम पांच दिन तक आश्रय सुविधा का लाभ भी ले सकती है।
जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र
उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि एसएए केंद्र और वन स्टॉप सेंटर जरूरतमंद बच्चों एवं महिलाओं को सुरक्षा, संरक्षण और आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं और यहां आने वाले लोगों को संवेदनशील, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध करवाना सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त रुपिंदर कौर, जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार, जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
‘तेरे मेरे सपने’ पहल के तहत मुफ्त प्री-मैरिटल काउंसलिंग
राष्ट्रीय महिला आयोग की पहल ‘तेरे मेरे सपने’ के तहत विवाह से पहले युवाओं और भावी दंपतियों को निःशुल्क एवं गोपनीय प्री-मैरिटल काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। बिलासपुर में यह सुविधा वर्तमान में वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से प्रदान की जा रही है।
इस पहल के तहत भावी दंपतियों को आपसी संवाद, मानसिक एवं भावनात्मक तैयारी, करियर, वित्तीय योजना, पारिवारिक संबंधों और वैवाहिक जीवन से जुड़ी अपेक्षाओं को लेकर मार्गदर्शन दिया जाता है।
उपायुक्त राहुल कुमार ने युवाओं और भावी दंपतियों से अपील की कि वे विवाह से पहले बेहतर समझ और मजबूत रिश्ते के लिए इस निःशुल्क एवं गोपनीय काउंसलिंग सुविधा का लाभ उठाएं।
