दीवान ने बिट्टू के पंजाब सेवा के दावे की पोल खोली कहा: राज्यसभा सीट न मिलना बिट्टू की नाकामी का सबूत; 2027 विधानसभा चुनावों में इनकी हार तय : दीवान

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लुधियाना, 5 जून: वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के पूर्व महासचिव पवन दीवान ने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के उस बयान पर तीखा सवाल उठाया है, जिसमें इन्होंने कहा था कि लोकसभा और राज्यसभा में 17 वर्ष बिताने के बाद अब वह “पंजाब की सेवा” करना चाहते हैं।

दीवान ने इस बयान को हैरान करने वाला बताते हुए, कहा कि बिट्टू एक बार श्री आनंदपुर साहिब और दो बार लुधियाना लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या श्री आनंदपुर साहिब या लुधियाना महाराष्ट्र अथवा तमिलनाडु में स्थित हैं? क्या वह 15 वर्षों तक लोकसभा में बैठकर पंजाब की सेवा नहीं कर रहे थे? उन्होंने कहा कि पंजाब के कांग्रेस सांसदों ने हमेशा राज्य से जुड़े हर महत्वपूर्ण मुद्दे को संसद में उठाया है।

दीवान ने दावा किया कि बिट्टू के इस बयान के पीछे की वास्तविकता कुछ और ही है। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि बिट्टू भाजपा की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में बुरी तरह विफल रहे, जिसके चलते पार्टी ने उन्हें राज्यसभा की सीट देने से इनकार कर दिया। साथ ही इन्हें अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर पंजाब लौटने और 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले प्रदेश इकाई के लिए मेहनत करके अपनी उपयोगिता साबित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस शर्मिंदगी से बचने के लिए बिट्टू अब स्वयं को पंजाब का “मसीहा” साबित करने की कोशिश कर रहे हैं।

पूर्व जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) अध्यक्ष ने बिट्टू से यह भी पूछा कि लोकसभा में अपने 15 वर्षों के कार्यकाल के दौरान उन्होंने पंजाब की प्रगति और समृद्धि के लिए क्या किया है? दीवान ने इन्हें एक खोखला और अवसरवादी नेता बताया, जिसने मौका आने पर कांग्रेस पार्टी को छोड़ दिया, जबकि इनके दादा ने पंजाब के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बिट्टू को पंजाब यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष सहित कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक पद दिए और तीन बार सांसद बनाया। इसके बावजूद इन्होंने पार्टी का साथ छोड़ दिया। दीवान ने कहा कि यह स्पष्ट है कि बिट्टू को केवल अपने राजनीतिक भविष्य की चिंता है और जनता की भलाई से उनका कोई सरोकार नहीं है।

बिट्टू के राजनीतिक भविष्य को लेकर भविष्यवाणी करते हुए, दीवान ने कहा कि इनके रिकॉर्ड, सांसद के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान लोगों के लिए अनुपलब्ध रहने और जनसमस्याओं के समाधान में विफल रहने को देखते हुए स्थिति बिल्कुल स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि बिट्टू पंजाब की 117 में से किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ लें, इनकी हार निश्चित है। पंजाब की जनता के सामने इनका वास्तविक चेहरा बेनकाब हो चुका है और अब इनका राजनीतिक ग्राफ केवल नीचे की ओर ही जाएगा।

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