चंडीगढ़/मानसा, 16 अक्टूबर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित पंजाब दौरे से पहले प्रदेश कांग्रेस की सियासी नब्ज टटोलने के लिए पार्टी के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट पांच दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को पंजाब पहुंचे। दोपहर में चंडीगढ़ पहुंचने के बाद पायलट देर शाम मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मिले। झोटा की हाल ही में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पायलट 20 अक्टूबर तक पंजाब के 11 जिलों का दौरा करेंगे। इस दौरान वह गैंगस्टर हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलेंगे, लेकिन इस दौरे को पंजाब कांग्रेस के भीतर जारी खींचतान के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
वड़िंग गुट के रुख पर रहेगी नजर
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की नाराजगी पार्टी के लिए चुनौती बनी हुई है। वड़िंग सार्वजनिक मंच से राहुल गांधी के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर कर चुके हैं, जबकि उनके समर्थक नेता भी उनके पक्ष में खुलकर सामने आ रहे हैं। ऐसे में पायलट के सामने पार्टी नेताओं को एकजुट रखने और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में अनुशासन कायम करने की चुनौती है।
राजनीतिक हलकों में पायलट के इस दौरे को पार्टी के अलग-अलग गुटों की सक्रियता और नेताओं के आपसी तालमेल परखने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है। खास नजर उन नेताओं पर रह सकती है, जिन्हें वड़िंग का करीबी माना जाता है। पार्टी नेतृत्व नहीं चाहता कि पंजाब कांग्रेस में जारी मतभेद सार्वजनिक टकराव का रूप लें और इसका असर चुनावी तैयारियों पर पड़े।
दौरे से पहले वड़िंग को साधने की कोशिश
पंजाब दौरे से ठीक पहले पायलट ने दिल्ली में राजा वड़िंग से मुलाकात की थी। वड़िंग के साथ इस मुलाकात को दोनों नेताओं के बीच तल्खी कम करने और संगठनात्मक एकजुटता बनाए रखने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। वड़िंग को लेकर पायलट की सकारात्मक टिप्पणियों को भी इसी राजनीतिक संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वड़िंग प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया था कि वह राहुल गांधी को अपना नेता मानते हैं। ऐसे में राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे से पहले पायलट की कोशिश संगठन के भीतर किसी नए शक्ति प्रदर्शन या सार्वजनिक बयानबाजी की स्थिति पैदा होने से रोकने की भी रहेगी।
11 जिलों में पीड़ित परिवारों से करेंगे मुलाकात
पायलट के पांच दिवसीय दौरे में मोगा, बठिंडा, मानसा, लुधियाना, जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर, पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन और अमृतसर शामिल हैं। इन जिलों में वह गैंगस्टर हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे।
कांग्रेस इस दौरे के जरिए पंजाब में कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाकर आम आदमी पार्टी सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं, संगठन के भीतर नेताओं के बीच तालमेल, गुटबाजी और नेतृत्व के प्रति उनके रुख का आकलन भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे से पहले पायलट की यह यात्रा इसलिए अहम है, क्योंकि इसके बाद हाईकमान को पंजाब कांग्रेस की जमीनी स्थिति, नेताओं के आपसी संबंधों और संगठन की चुनावी तैयारियों को लेकर स्पष्ट तस्वीर मिल सकती है।
