श्री मुक्तसर साहिब। मुक्तसर के गांव सीरवाली में बुधवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब नहरी विभाग की टीम पुलिस बल के साथ एक किसान के खेत में पाइपलाइन बिछाने पहुंची।
विरोध करते हुए किसान हरजूर सिंह ने कीटनाशक दवा पी ली, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद प्रशासन बिना पाइपलाइन डाले ही मौके से वापस लौट गया।
किसान के भतीजे हरविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि प्रशासन उनके खेत से जबरन पाइपलाइन डाल रहा है। उन्होंने कहा कि यह सब कुछ लोगों की शह पर हो रहा है। हमारा यह मामला कोर्ट में भी विचाराधीन है।
हरविंदर सिंह ने बताया कि करीब 34 साल पहले इस जगह पर खाल बनी हुई थी, लेकिन अब पानी किसी दूसरी दिशा से आ रहा है। इसके बावजूद प्रशासन उनके खेत में नई खाल बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने नहरी विभाग के एक्सईएन पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक्सईएन जानबूझकर हमारे साथ धक्का कर रहे हैं।
कोर्ट में केस चलने के बावजूद वह मेरे खेत में जबरन खाल बना रहे हैं। हरविंदर ने बताया कि उनके चाचा ने लाइव वीडियो के दौरान दुखी होकर जहरीली दवा पी ली है । उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मेरे चाचा को कुछ हुआ तो इसके जिम्मेदार एक्सईएन होंगे। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और माहौल काफी तनावपूर्ण बना रहा। बाद में नहरी विभाग के अधिकारी बिना काम किए ही वहां से चले गए।
वहीं नहरी विभाग के एक्सईएन संदीप कंबोज ने कहा कि सरकार ने पाइपलाइन डालने का प्रोजेक्ट पास किया हुआ है। छह महीने से काम रुका था। अब फसल की कटाई के बाद काम शुरू करने आए थे, तो एक किसान ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि किसान ने दवा पी है या नहीं। हम बड़े अधिकारियों के निर्देश पर यहां आए हैं और अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। कोर्ट से स्टे के बारे जानकारी नहीं है ।
