प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शुरू हुआ ‘वर्चुअल संवाद’ कार्यक्रम, शिक्षा व्यवस्था की होगी ऑनलाइन निगरानी – रोहित ठाकुर

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एएम नाथ।  शिमला 04 जुलाई, : हिमाचल प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शनिवार को ‘वर्चुअल संवाद’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
हिमाचल स्कूल स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा शनिवार को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पोर्टमोर, शिमला में वर्ष 2025-26 के आईएसएफ वर्ल्ड स्कूल चैंपियनशिप, एशियन स्कूल चैंपियनशिप तथा 69वें राष्ट्रीय स्कूल खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पदक विजेता एवं प्रतिभागी खिलाड़ियों के सम्मान में भव्य पुरस्कार वितरण समारोह में शिक्षा मंत्री ने वर्चुअल संवाद का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम की शुरुआत जिला चंबा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मेहला से की गई, जहां शिक्षा मंत्री ने विद्यालय के प्रधानाचार्य से वर्चुअल माध्यम से सीधा संवाद किया।
इस दौरान शिक्षा मंत्री ने विद्यालय में शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की उपलब्धता, रिक्त पदों की स्थिति, विद्यार्थियों के शैक्षणिक परिणाम तथा विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। प्रधानाचार्य ने वर्चुअल माध्यम से विद्यालय की कक्षाओं का भी अवलोकन करवाया। शिक्षा मंत्री ने आश्वस्त किया कि भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत रिक्त शिक्षकों के पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।
रोहित ठाकुर ने कहा कि हाल ही में उनके जम्मू-कश्मीर के दौरे के दौरान उन्होंने वहां के शिक्षा विभाग में वर्चुअल निरीक्षण की प्रभावी व्यवस्था देखी। उसी से प्रेरणा लेकर हिमाचल प्रदेश में भी सरकारी विद्यालयों के लिए ‘वर्चुअल संवाद’ कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं सरकार सीधे विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और विद्यार्थियों से संवाद स्थापित कर सकेंगे। इससे विद्यालयों की वास्तविक स्थिति की जानकारी समय पर प्राप्त होगी, विद्यार्थियों से सीधे फीडबैक लिया जा सकेगा तथा शिक्षण व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, विद्यालयों के नियमित निरीक्षण की प्रक्रिया अधिक सरल, प्रभावी और पारदर्शी बनेगी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना तथा आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं जवाबदेह बनाना है। ‘वर्चुअल संवाद’ कार्यक्रम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण और अभिनव कदम साबित होगा।
शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और निदेशक करेंगे संवाद
कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए निदेशक स्कूल शिक्षा ने कहा कि अब शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और निदेशक सहित निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी सभी सरकारी स्कूलों में वर्चुअल संवाद पर बल देंगे। उन्होंने कहा कि इससे तुरंत फीडबैक मिलेगा और कभी भी स्कूल प्रधानाचार्य से वर्चुअल संवाद किया जा सकेगा।
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