भाजपा ने बिना शिक्षक 350 स्कूल और 1 शिखक के सहारे 3,400 स्कूल छोड़े : रोहित ठाकुर

by

रोहित भदसाली । शिमला : शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा है कि भाजपा सरकार जब प्रदेश की सत्ता से बाहर गई तो 350 स्कूल बिना शिक्षक और 3,400 स्कूल 1 शिक्षक के सहारे चल रहे थे। इस तरह के कुप्रबंधन के कारण हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में 21वें स्थान पर पहुंचा तथा परफॉर्मैंस ग्रेडिंग इंडैक्स में 18वें स्थान पर लुढ़का।

इतना ही नहीं, डबल इंजन की सरकार प्रदेश पर 75 हजार करोड़ रुपए का कर्ज छोड़ गई। इसके अलावा केंद्र ने वित्तीय मदद को रोका। रोहित ठाकुर ने यहां जारी बयान में कहा कि भाजपा सरकार के समय शिक्षा क्षेत्र में 12,000 से अधिक पद खाली थे। वर्तमान कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में विद्यार्थियों की गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए 850 संस्थानों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया है। इसके अलावा शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के 15 हजार पदों को भरने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

शिक्षकों के 3,200 पद बैचवाइज भरे गए हैं, जबकि 2,800 से अधिक पद राज्य चयन आयोग के माध्यम से भरे जा रहे हैं। राज्य के विद्यार्थी पूर्व सरकार की गलत नीतियों का खमियाजा भुगत रहे हैं और इसे सुधारने के लिए वर्तमान सरकार कड़ी मेहनत कर रही है। मंत्रिमंडल की बैठक में पीजीटी शिक्षकों के 700 पद और एनटीटी के 6,200 पद भरने की मंजूरी दी है, जिसकी भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। सीधी भर्ती के अलावा पदोन्नति के माध्यम से भी हजारों पद भरे गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने 120 कालेज प्रिंसीपल और 483 सहायक प्रोफैसरों की नियुक्ति की है। कांग्रेस सरकार ने सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से ही अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई का अपना चुनावी वायदा भी पूरा किया है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक से लैस राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं।

वर्तमान सरकार ने डा. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना शुरू की है। इस योजना के तहत छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए महज 1 फीसदी की मामूली ब्याज दर पर 20 लाख रुपए तक का ऋण प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना के लिए 53.21 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है तथा 15,181 स्कूलों में बाल पौष्टिक आहार योजना शुरू की गई है। इससे 5.34 लाख बच्चों को अंडे और फल जैसे अतिरिक्त पोषण का लाभ मिला है। प्रदेश सरकार ने इस पहल के लिए 12.75 करोड़ रुपए आबंटित किए हैं। प्रदेश सरकार ने सत्ता में आते ही पहली कैबिनेट बैठक में 1.36 लाख कर्मचारियों के लिए पुरानी पैंशन बहाल की है, लेकिन केंद्र सरकार ने अभी तक एनपीएस कर्मियों के 9,200 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया है। इसके अलावा केंद्र सरकार के पास प्रदेश के 9,000 करोड़ रुपए की आपदा राहत अभी भी लंबित है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

पहल: वर्षा जल का फायर सेफ्टी तथा सिंचाई के लिए होगा उपयोग: डीसी डा. निपुण जिंदल

पायलट आधार पर भवारना की दैहण तथा रमेहड़ के लिए बनेगा प्लान,   कूहलों, भंडारण टैंकों का होगा निर्माण, चैक डैम भी किए जाएंगे निर्मित धर्मशाला, 15 दिसंबर। कांगड़ा जिला के ग्रामीण क्षेत्रों वर्षा जल...
article-image
दिल्ली , पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

रंगीन वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया – जानें क्या बोली पुलिस

राजस्थान के एक बाबा का वीडियो वायरल होने के बाद सनसनी मच गई है। बाबा बालकनाथ नाम के बाबा का रंगीन वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया है। वीडियो में...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

11000 करोड़ की कंपनी पर कब्ज़ा, : बेटे के खिलाफ लड़ाई में मां की जीत – बेटा बोर्ड से बाहर, मां बीना मोदी को प्रबंध निदेशक के रूप में फिर से चुना

लंदन में स्थापित और भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान अपना कारोबार बढ़ाने वाली कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया लिमिटेड अब भारतीय कंपनी मोदी एंटरप्राइजेज का हिस्सा बन गई है। लेकिन कंपनी के इस मुद्दे...
दिल्ली , पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

बीजेपी पलटी मार रही ?…किसानों पर एक्शन के बाद : समझिए भगवंत मान सरकार पर हमले के पीछे क्या है प्लानिंग

पंजाब के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर पिछले 13 महीने से विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को 19 मार्च की रात पंजाब पुलिस ने बल पूर्वक हटा दिया था। पुलिस ने किसानों के सभी...
Translate »
error: Content is protected !!