भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को आम आदमी पार्टी पर प्रतिशोध की राजनीति करने का आरोप लगाया है। यह आरोप तब लगाया गया जब पंजाब में राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गईं, जिन्होंने हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया था।
भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि आम आदमी पार्टी असंतुष्ट नेताओं को निशाना बना रही है और राजनीतिक प्रतिशोध के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रही है।
एफआईआर का मामला
पंजाब में पाठक के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर के पीछे का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि संदीप पाठक, जो हाल ही तक आम आदमी पार्टी में राज्यसभा सांसद और महासचिव (संगठन) थे, के खिलाफ ये मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने अरविंद केजरीवाल की बेशर्मी और प्रतिशोध की राजनीति की आलोचना की, जिसमें भगवंत मान भी शामिल हैं।
पूनावाला के सवाल
पूनावाला ने यह भी कहा कि यह स्पष्ट है कि केजरीवाल ने प्रतिशोध की राजनीति के तहत यह सब किया है। उन्होंने पंजाब पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि यदि ये मामले पहले से मौजूद थे, तो एफआईआर पहले क्यों नहीं दर्ज की गईं? उन्होंने यह भी पूछा कि अगर पाठक भ्रष्ट थे, तो उन्हें पार्टी में इतना समय क्यों रखा गया?
पूर्व नेताओं का जिक्र
पूनावाला ने यह भी बताया कि कई पूर्व आम आदमी पार्टी के नेता जैसे योगेंद्र यादव, मयंक गांधी, आशीष खेतान, आशुतोष और अलका लांबा को पार्टी छोड़ने के बाद परेशान किया गया था। भाजपा नेता तरुण चुघ ने पंजाब सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि आम जनता में आम आदमी पार्टी के प्रति गहरा असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसी असंतोष के कारण ये प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की जा रही है, लेकिन पंजाब की जनता डरने वाली नहीं है।
