चंडीगढ़। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित संगरूर दौरे को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस दौरान उनके मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले दिवंगत परविंदर सिंह झोटा के घर जाने की भी चर्चा है। इसी बीच झोटा के पिता भीम सिंह ने राहुल गांधी से उनके धरना स्थल पर नहीं आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी और बेअंत सिंह परिवार का कोई भी सदस्य धरने में शामिल न हो।
भीम सिंह ने स्पष्ट किया कि उनका राहुल गांधी से कोई व्यक्तिगत विरोध या मनमुटाव नहीं है, लेकिन वह नहीं चाहते कि गांधी परिवार का कोई सदस्य उनके धरने में पहुंचे।
पंथ से निष्कासित होने का डर जताया
भीम सिंह के अनुसार, यदि राहुल गांधी या बेअंत सिंह परिवार का कोई सदस्य धरना स्थल पर आता है तो उन्हें पंथ से निष्कासित किए जाने या तनखैया घोषित होने का डर है। उन्होंने कहा कि उनकी और उनके परिवार की आस्था श्री अकाल तख्त साहिब से जुड़ी हुई है। वह ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहते, जिससे उनकी धार्मिक आस्था प्रभावित हो।
उन्होंने कहा कि बेटे की मौत का दर्द लेकर वह नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में इस आंदोलन को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने धरने को लेकर स्थानीय विधायक की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए।
विधायक और CM पर भी साधा निशाना
भीम सिंह ने कहा कि विधायक को धरने को लेकर इस तरह की प्रतिक्रिया देना शोभा नहीं देता। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में स्थानीय विधायक और मुख्यमंत्री भगवंत मान की जमानत जब्त करवाने के लिए लोग तैयार हैं।
गौरतलब है कि परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को एक केमिस्ट द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद से उनके पिता नशे के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं।
2027 चुनाव से पहले नशा बना बड़ा मुद्दा
पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए नशे का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल सहित विपक्षी दल इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी सरकार को घेर रहे हैं। वहीं नशे के खिलाफ अलग-अलग राजनीतिक दलों की रैलियां और अभियान भी जारी हैं।
