सड़क पर उतरा पीड़ित परिवार….धमकी, आंसू और सिस्टम की लापरवाही

by

जालंधर: किसी मां के लिए इससे बुरा क्या हो सकता है कि उसकी 13 साल की फूल सी बेटी दुनिया से चली जाए, और जिनके कंधों पर न्याय दिलाने की जिम्मेदारी हो, वो कथित तौर पर उस मां के आंसुओं का मजाक उड़ाएं?

जालंधर के पारस एस्टेट में हुए हत्याकांड का मामला अब सिर्फ एक अपराध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सिस्टम की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

शनिवार की सुबह जालंधर के लेदर कॉम्प्लेक्स रोड पर माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया, जब गुस्साए स्थानीय लोग और पीड़ित परिवार गंदे नाले के पास धरने पर बैठ गए। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी गूंज रही थी और हर आंख में गुस्सा और नमी थी।

इस धरने की वजह शुक्रवार को घटा वो वाकया है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। मृत बच्ची की मां का आरोप है कि उन्हें पुलिस के बड़े अधिकारियों ने सहारा देने के बजाय धमकाया। उन्होंने एसीपी गगनदीप सिंह और एसएचओ मनजिंदर सिंह पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।

मां का कहना है, “वो मेरी बेटी की मौत पर हंस रहे थे, भद्दी बातें कर रहे थे।” उनका आरोप है कि अधिकारियों ने उन्हें डराया कि अगर उन्होंने एएसआई मंगत राम या पुलिस टीम के खिलाफ कोई शिकायत की, तो उनके परिवार के सरकारी नौकरी वाले सदस्य को परेशानी में डाल दिया जाएगा। इस दर्दनाक वाकये की शिकायत उन्होंने पुलिस कमिश्नर से लेकर, डीजीपी, राज्यपाल और मुख्यमंत्री तक को भेजी है।

जब पुलिस अधिकारियों से इन आरोपों पर सवाल किए गए, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। एसीपी गगनदीप सिंह का कहना है कि उनकी पूरी सहानुभूति परिवार के साथ है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा, “हमने कोई धमकी नहीं दी, हम तो बस परिवार को एफआईआर और कानूनी प्रक्रिया समझा रहे थे।” एसएचओ मनजिंदर सिंह ने भी यही बात दोहराई कि वे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं ताकि आरोपी को कड़ी सजा मिले।

हालाँकि, पुलिस की बातों और जमीनी हकीकत में शायद कुछ अंतर है। घटना के दूसरे दिन का एक वीडियो सामने आया है, जो लोगों के गुस्से की असली वजह बता रहा है। वीडियो में मोहल्ले की महिलाएं पुलिस वालों से सवाल पूछ रही हैं- “साहब, आप घर के अंदर गए थे, आपको बच्ची क्यों नहीं दिखी? फिर आम लोगों ने उसे कैसे ढूंढ निकाला?”

कायदे से इन सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए था, लेकिन वीडियो में पुलिसकर्मी इन सवालों पर कथित तौर पर मुस्कुराते हुए नजर आए। एक माँ अपनी बेटी खो चुकी है, और ऐसे में सिस्टम की यह ‘मुस्कुराहट’ लोगों को चुभ गई है, और यही वजह है कि आज जालंधर की सड़कों पर ‘इन्साफ’ की गूँज सुनाई दे रही है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब

भाजपा ने विजय कुमार बिल्ला को ओबीसी मोर्चा में सौंपी अहम जिम्मेदारी : बीत मंडल के पूर्व अध्यक्ष को स्टेट ऑफिस को-इंचार्ज किया नियुक्त

 2027 चुनावों में पार्टी की जीत के लिए दिन-रात मेहनत का ऐलान गढ़शंकर, 4 अक्तूबर (सतलुज ब्यास टाइम्स) :  भाजपा की ओर से बीत मंडल के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार बिल्ला को पार्टी के...
article-image
पंजाब

बब्बर खालसा इंटरनेशनल के चार गुर्गों को गिरफ्तार : छह पिस्तौल और 275 कारतूस बरामद

मोहाली : पंजाब पुलिस ने आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। जिसके तहत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक एसएएस नगर पुलिस ने एक आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़...
article-image
पंजाब

सतलुज’ विवाद : पंजाब का दर्दनाक अतीत चुनिंदा ढंग से पेश नहीं किया जा सकता : रवनीत बिट्टू

चंडीगढ़, 12 जुलाई :  केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने रविवार को कहा कि दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ के निर्माता ‘विवादित दावों को स्थापित इतिहास’ के तौर पर पेश कर ‘रचनात्मक स्वतंत्रता’ की...
article-image
पंजाब

डॉ. अमृत सागर मित्तल और श्री सुरेंद्र अग्रवाल के कुशल नेतृत्व में सम्पन्न हुआ तीन दिवसीय निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं श्रवण यंत्र वितरण शिविर

होशियारपुर/ दलजीत अजनोहा : संजिवनी शरणम में 26 से 28 अगस्त तक आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं श्रवण यंत्र वितरण शिविर ने दिव्यांगजन के जीवन में नई रोशनी और आत्मनिर्भरता का संचार...
Translate »
error: Content is protected !!