साहित्य उत्सव में मुख्य वक्ता नीलोत्पल मृणाल को सुनने उमड़ी भीड़ : राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला-2026 में साहित्य और संवेदना का हुआ भव्य संगम

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एएम नाथ। बिलासपुर, 19 मार्च: राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026 के अंतर्गत आज बहुउद्देशीय सांस्कृतिक भवन में आयोजित साहित्य उत्सव 2026 ने साहित्य, संस्कृति और विचारों का एक जीवंत मंच प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता नीलोत्पल मृणाल को सुनने के लिए अभूतपूर्व भीड़ उमड़ी और पूरा सभागार साहित्य प्रेमियों से खचाखच भरा नजर आया।May be an image of dais and text
साहित्य उत्सव के मुख्य आकर्षण के रूप में प्रख्यात युवा साहित्यकार, कवि एवं साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित नीलोत्पल मृणाल ने “मेरे लिए साहित्य के मायने” विषय पर अपने विचार साझा किए। अपने ओजस्वी और भावपूर्ण संबोधन में उन्होंने कहा कि साहित्य समाज की आत्मा है, जो समय-समय पर समाज को दिशा देने का कार्य करता है। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि हिन्दी साहित्य केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की सोच को आकार देने वाला सशक्त माध्यम है।
उन्होंने अपनी साहित्यिक यात्रा का उल्लेख करते हुए अपनी चर्चित कृतियों और लेखन अनुभवों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उनकी रचनाएं आम जनजीवन, संघर्ष, सामाजिक असमानताओं और बदलते परिवेश की संवेदनाओं से प्रेरित हैं। इस दौरान उन्होंने अपनी कविताओं का सजीव पाठ किया, जिसने पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी काव्य प्रस्तुति के दौरान श्रोताओं की तालियों की गूंज ने वातावरण को और अधिक भावपूर्ण बना दिया। विशेषकर युवा वर्ग ने उनके विचारों और कविताओं से गहरी प्रेरणा प्राप्त की और हिन्दी साहित्य की विशेषताओं को समझने की दिशा में नई रुचि दिखाई।
विशेष साहित्यिक सत्र के अंतर्गत आयोजित संवाद कार्यक्रम में जिला के प्रतिष्ठित साहित्यकारों ने भी सहभागिता की। इस अवसर पर सेवानिवृत्त हिन्दी प्रवक्ता एवं कवयित्री शीला सिंह, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य एवं हिन्दी-पहाड़ी कवि लेखक जीत राम सुमन, प्रोफेसर (एमेरिटस) डॉ. लेखराम शर्मा, सेवानिवृत्त अंग्रेजी प्रवक्ता एवं हिन्दी कवि रवीन्द्र नाथ भट्टा तथा पूर्व एच.पी.एस. अधिकारी एवं कवि डॉ. रवीन्द्र ठाकुर ने साहित्य के विविध आयामों पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के अंतर्गत एक जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्कर्स ने भाग लेकर स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा की। इसके साथ ही बहुभाषी कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया गया, जिसमें जिला बिलासपुर के विभिन्न बोलियों के कवियों और स्थानीय रचनाकारों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों दी।
इस अवसर पर उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि कला की सभी विधाओं से जुड़े प्रतिभाओं को नलवाड़ी मेले से जोड़ा जाए। इसी उद्देश्य से इस वर्ष नाट्य और साहित्य उत्सव का आयोजन किया गया है, ताकि स्थानीय कलाकारों और साहित्यकारों को सशक्त मंच प्रदान किया जा सके। उन्होंने कहा कि मेले को और अधिक भव्य एवं आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की रचनात्मक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन निरंतर किया जा रहा है, जिससे यह आयोजन जनसहभागिता का उत्सव बन सके।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त ओमकांत ठाकुर, सहायक आयुक्त राजकुमार सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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