एएम नाथ। शिमला। हिमाचल प्रदेश में अब किसानों को सामान्य यूरिया खाद के साथ नैनो यूरिया प्लस जबरदस्ती नहीं दी जाएगी। कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने सोमवार को विधानसभा में इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करने की बात कही।
कांग्रेस विधायक भवानी सिंह पठानिया की ओर से नियम 62 के तहत लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में कृषि मंत्री ने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे कि किसानों को सामान्य यूरिया के साथ नैनो यूरिया प्लस खरीदने के लिए मजबूर न किया जाए।
सहकारी समितियों पर किसानों को मजबूर करने का आरोप
भवानी सिंह पठानिया ने सदन में आरोप लगाया कि कई स्थानों पर डिपो होल्डर्स और सहकारी समितियों की ओर से किसानों को सामान्य यूरिया खाद के बैग के साथ नैनो यूरिया प्लस की बोतल खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यूरिया का एक बैग करीब 270 रुपये का है, जबकि किसानों को इसके साथ लगभग 225 रुपये की नैनो यूरिया की बोतल भी खरीदनी पड़ रही है। पठानिया ने इस मामले की जांच के लिए विधानसभा की एक समिति गठित करने की मांग की।
केंद्र और इफ्को के भी ऐसे निर्देश नहीं: कृषि मंत्री
कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई निर्देश नहीं है कि किसानों को सामान्य यूरिया के साथ नैनो यूरिया खरीदना अनिवार्य हो।
उन्होंने कहा कि इफ्को की ओर से भी इस संबंध में पत्र दिया गया है, जिसमें किसानों को जबरदस्ती नैनो यूरिया न देने की बात कही गई है। मंत्री ने कहा कि इस संबंध में हिमफैड को भी आवश्यक निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
सदन में हुई नोकझोंक
जवाब देते हुए कृषि मंत्री ने नैनो यूरिया को लेकर प्रधानमंत्री से जुड़े एक विज्ञापन का भी उल्लेख किया, जिस पर विपक्ष ने आपत्ति जताई। इस दौरान विधानसभा में सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच नोकझोंक भी हुई।
कृषि मंत्री के आश्वासन के बाद किसानों को सामान्य यूरिया के साथ नैनो यूरिया प्लस खरीदने के लिए कथित रूप से मजबूर किए जाने का मुद्दा विधानसभा में प्रमुखता से चर्चा का विषय बना रहा।
