कोर्ट ने कहा- भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद बीच में नियम नहीं बदले जा सकते
एएम नाथ। शिमला : 2 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने डॉक्टरों को ट्रेनी के रूप में नियुक्त करने की राज्य सरकार की व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद उसके बीच में नियमों में ऐसा बदलाव नहीं किया जा सकता, जिससे चयनित उम्मीदवारों की सेवा शर्तें बदल जाएं।
अदालत ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी (भर्ती और सेवा शर्तें) अधिनियम, 2024 के आधार पर डॉक्टरों को ट्रेनी बनाना वैध नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इसी अधिनियम को वह देवेंद्र कुमार मामले में पहले ही असंवैधानिक घोषित कर चुकी है।
2012 के भर्ती नियमों के तहत माना जाए अनुबंध कर्मचारी
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता डॉक्टरों को वर्ष 2012 के भर्ती एवं प्रोन्नति नियमों के तहत अनुबंध आधार पर नियुक्त माना जाए। कोर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित डॉक्टरों को ट्रेनी के बजाय अनुबंध कर्मचारी का दर्जा दिया जाना चाहिए।
PG और सुपर स्पेशलिटी कोर्स के लिए पात्रता बहाल
मामले में सरकार ने 19 जुलाई 2025 की कटऑफ डेट तय करते हुए कुछ डॉक्टरों को इन-सर्विस पीजी लाभों से बाहर कर दिया था। हाईकोर्ट ने इस पाबंदी को हटाते हुए कहा कि संबंधित डॉक्टरों को जनरल ड्यूटी ऑफिसर के रूप में PG और सुपर स्पेशलिटी कोर्स के लिए पात्र माना जाए।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता डॉक्टर अपनी नियुक्ति की प्रारंभिक तारीख से उच्च शिक्षा से जुड़े लाभों के हकदार होंगे। इनमें MD/MS/सुपर स्पेशलिटी कोर्स के लिए कोटा और नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) समेत अनुबंध सेवा से जुड़े लाभ शामिल हैं।
भर्ती के विज्ञापन के बाद शर्तें बदलने पर कोर्ट की टिप्पणी
हाईकोर्ट ने कहा कि यदि भर्ती का विज्ञापन अनुबंध आधार पर नियुक्ति के लिए जारी किया गया था और उम्मीदवारों का चयन उसी प्रक्रिया के तहत हुआ, तो चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार किसी अन्य प्रशासनिक आदेश के जरिए उन्हें ट्रेनी बनने के लिए बाध्य नहीं कर सकती।
यह फैसला साहिल ठाकुर, चार्वी गुप्ता और अरुणिका ठाकुर सहित अन्य डॉक्टरों की ओर से दायर विभिन्न याचिकाओं पर सुनाया गया। अदालत के आदेश से संबंधित डॉक्टरों की नियुक्ति, सेवा लाभ और उच्च शिक्षा के अवसरों को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई है।
