कनाडा में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के प्रदर्शन पर कार्रवाई, आव्रजन दस्तावेजों की हुई जांच

by

काम करने के परमिट की नीतियों में बदलाव का विरोध कर रहे छात्रों में बढ़ी चिंता, कई को नोटिस

कैलगरी। कनाडा में पढ़ाई पूरी करने के बाद मिलने वाले काम करने के परमिट की नीतियों में बदलाव के विरोध में प्रदर्शन कर रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर कनाडा सीमा सेवा एजेंसी (CBSA) ने कार्रवाई की है। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे अधिकारियों ने धरने पर बैठे छात्रों के आव्रजन दस्तावेजों की जांच की।

बताया जा रहा है कि जिन छात्रों के पास वैध आव्रजन दस्तावेज नहीं मिले, उनमें से कई को नोटिस जारी किए गए हैं। इन छात्रों को आगे की प्रक्रिया के लिए संबंधित अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

कई शहरों में प्रदर्शन कर रहे अंतरराष्ट्रीय छात्र

कैलगरी सहित कनाडा के कई शहरों में बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद काम करने का परमिट नहीं मिलने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि उन्होंने कनाडा में शिक्षा हासिल करने के लिए बड़ी रकम खर्च की थी और उन्हें उम्मीद थी कि पढ़ाई पूरी करने के बाद मौजूदा नियमों के तहत काम करने का अवसर मिलेगा।

छात्रों के अनुसार, आव्रजन नीतियों में बदलाव के बाद कई विद्यार्थियों के काम करने के परमिट से संबंधित आवेदन अस्वीकार हो रहे हैं। इसके चलते उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है।

कनाडा छोड़ने का भी मंडरा रहा संकट

काम करने का परमिट नहीं मिलने के कारण कई अंतरराष्ट्रीय छात्रों के सामने कनाडा छोड़कर अपने देश लौटने का संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग है कि जिन विद्यार्थियों ने पहले से लागू नियमों के आधार पर कनाडा में दाखिला लिया और अपनी पढ़ाई पूरी की है, उनके मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक दोबारा विचार किया जाए।

कैलगरी में छात्रों ने इस मुद्दे को लेकर धरना शुरू किया है। कुछ विद्यार्थियों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध तेज करते हुए भूख हड़ताल का भी सहारा लिया है।

CBSA की कार्रवाई के बाद बढ़ी चिंता

कैलगरी में प्रदर्शन स्थल पर कनाडा सीमा सेवा एजेंसी के अधिकारियों द्वारा आव्रजन दस्तावेजों की जांच किए जाने के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों में चिंता और असमंजस बढ़ गया है।

जिन विद्यार्थियों का आव्रजन दर्जा वैध नहीं पाया गया है, उनके खिलाफ आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच अपने भविष्य और कनाडा में रहने की स्थिति को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उन्होंने कनाडा में शिक्षा के लिए समय और बड़ी आर्थिक राशि निवेश की है। इसलिए सरकार को नीतिगत बदलावों के प्रभाव से प्रभावित विद्यार्थियों के मामलों पर मानवीय और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को 15 अक्टूबर तक एनएचएआई को आवश्यक भूमि का कब्जा सौंपने का दिया निर्देश

चंडीगढ़ : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि वह भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की विभिन्न पायलट परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि का कब्जा 15 अक्टूबर तक एनएचएआई के...
article-image
हिमाचल प्रदेश

धन के अभाव में अब उच्च शिक्षा से वंचित नहीं रहेंगे युवा : संजय रत्न

राकेश शर्मा : ज्वालामुखी/तलवाड़ा : विधायक संजय रत्न ने कहा कि बच्चे धन के अभाव में उच्च शिक्षा ग्रहण करने से वंचित न रहे इस के लिए प्रदेश सरकार ने महत्वाकांक्षी डॉ. यशवंत सिंह...
article-image
पंजाब

Arjuna Awardee and Former SP

Hoshiarpur/Daljeet Ajnoha/July 8 : Arjuna Award recipient, former Superintendent of Police (SP), and renowned football player of his time, Gurdev Singh Gill, a resident of Village khairar in Hoshiarpur district, shared his views during...
article-image
पंजाब

महिला आयोग में सदस्यों के ग़ैर-सरकारी खाली पदों की भर्ती होगी : मंत्री डॉ. बलजीत कौर

चंडीगढ़  : पंजाब सरकार द्वारा राज्य महिला आयोग में सदस्यों के ग़ैर-सरकारी खाली पदों की भर्ती के लिए योग्य आवेदनकर्ताओं से आवेदनों की मांग 5 फरवरी तक की है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल...
Translate »
error: Content is protected !!