कांग्रेस से नवजोत कौर सिद्धू निष्कासित : राहुल गांधी पर ‘पप्पू’ वाली टिप्पणी के बाद पार्टी ने की बड़ी कार्रवाई

by

चंडीगढ़ : पंजाब की राजनीति में शुक्रवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब कांग्रेस पार्टी ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू  को पार्टी से निष्कासित कर दिया।

पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने इस निर्णय की औपचारिक घोषणा की. यह कार्रवाई नवजोत कौर द्वारा सोशल मीडिया (Social Media) पर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के खिलाफ की गई ‘पप्पू’ (Pappu) वाली टिप्पणी और पार्टी विरोधी बयानों के बाद की गई है. पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता की चरम सीमा मानते हुए उनकी प्राथमिक सदस्यता 6 साल के लिए समाप्त कर दी है।

विवाद की मुख्य वजह: राहुल गांधी पर टिप्पणी

निष्कासन का तात्कालिक कारण नवजोत कौर सिद्धू का एक सोशल मीडिया पोस्ट बना, जिसमें उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के लिए ‘पप्पू’ शब्द का इस्तेमाल किया. यह वही शब्द है जिसका उपयोग अक्सर राजनीतिक विरोधी कांग्रेस नेतृत्व को नीचा दिखाने के लिए करते हैं. पार्टी नेतृत्व ने इस टिप्पणी को अपमानजनक और अनुशासन का गंभीर उल्लंघन माना, जिसके परिणामस्वरूप यह सख्त फैसला लिया गया।

इस्तीफे के बाद निष्कासन की कार्रवाई : दिलचस्प बात यह है कि औपचारिक निष्कासन से कुछ दिन पहले ही नवजोत कौर ने खुद कांग्रेस छोड़ने का ऐलान किया था. उन्होंने पार्टी आलाकमान पर पंजाब की जमीनी हकीकत से कटे होने का आरोप लगाया था. हालांकि, उनके इस्तीफे के बावजूद कांग्रेस ने उन्हें ‘निष्कासित’ करने का विकल्प चुना, ताकि सार्वजनिक रूप से कड़ा संदेश दिया जा सके।

पुरानी रही है अनबन: ‘500 करोड़ की अटैची’ विवाद

सिद्धू परिवार और कांग्रेस नेतृत्व के बीच तनाव नया नहीं है. इसकी शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई थी जब नवजोत कौर को पहली बार निलंबित किया गया था।

  • गंभीर आरोप: उन्होंने दावा किया था कि पंजाब में मुख्यमंत्री बनने के लिए “500 करोड़ रुपये की अटैची” की जरूरत होती है।
  • नेतृत्व पर हमला: उन्होंने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर भ्रष्टाचार और आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ मिलीभगत के भी गंभीर आरोप लगाए थे।

सिद्धू कैंप के लिए राजनीतिक संकट?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नवजोत कौर के निष्कासन से पंजाब कांग्रेस के भीतर सिद्धू खेमा और भी अलग-थलग पड़ सकता है. जहां एक ओर कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं सिद्धू परिवार के साथ यह टकराव पार्टी की आंतरिक गुटबाजी को उजागर कर रहा है. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस घटनाक्रम का नवजोत सिंह सिद्धू के पार्टी में भविष्य पर क्या असर पड़ेगा, लेकिन फिलहाल कांग्रेस ने अनुशासन के नाम पर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब

लोक निर्माण विभाग में एक ठेकेदार को दो ही काम मिलेंगे : प्रश्नकाल के दौरान विधायक संजय रत्न के सवाल का जवाब देते हुए लोकनिर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा

शिमला : लोक निर्माण विभाग में एक ठेकेदार को दो ही काम मिलेंगे। गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान विधायक संजय रत्न के सवाल का जवाब देते हुए लोकनिर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि...
article-image
दिल्ली , पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

दिल्ली में जीरो, जीरो और जीरो, अब सिख दंगों की आंच : पंजाब में बुरी तरह फेल हो जाएगा कांग्रेस का प्लान

नई दिल्ली  :  पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव है. अभी आम आदमी पार्टी की सरकार है. उससे पहले कांग्रेस की ही थी. दिल्ली हारते ही आप की सियासी गाड़ी लड़खड़ाती दिख रही है....
article-image
पंजाब

नशे के खिलाफ जंग लड़ रही है होशियारपुर पुलिस : डीएसपी जागीर सिंह

होशियारपुर/ दलजीत अजनोहा :  वरिष्ठ पत्रकार दलजीत अजनोहा से विशेष बातचीत में डीएसपी जागीर सिंह ने कहा कि एसएसपी संदीप मलिक के नेतृत्व में होशियारपुर पुलिस जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरी...
article-image
पंजाब

खस्ताहाल हाल सड़कों को लेकर डिप्टी स्पीकर का घेरेंगे घर : सड़क बनाओ पक्का मोर्चे के नेता 7 जनवरी को

गढ़शंकर – जेजों-माहिलपुर, माहिलपुर-कोटफातुही, कोटफातुही-मेहटियाना व गढ़शंकर से बीत इलाके होते नंगल जाने वाली पक्की सड़कों की खस्ताहाल हालत को लेकर सड़क बनाओ पक्का मोर्चे के नेता 7 जनवरी को पंजाब विधानसभा के डिप्टी...
Translate »
error: Content is protected !!