अमित शाह की अध्यक्षता वाली बैठक में हिमाचल की बड़ी जीत, किशाऊ परियोजना को मिली नई गति
सुक्खू की मजबूत पैरवी रंग लाई, 422 मेगावाट किशाऊ बांध निर्माण का मार्ग प्रशस्त
एएम नाथ। नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश के हितों की मजबूती से पैरवी करते हुए किशाऊ बांध परियोजना से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।
बैठक में पिछले आठ वर्षों से वित्तीय लागत को लेकर अटकी हुई 422 मेगावाट क्षमता की किशाऊ डैम प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा हुई। करीब 15,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना के निर्माण का मार्ग अब प्रशस्त हो गया है।
बैठक में भारत सरकार ने सैद्धांतिक रूप से सहमति दी कि परियोजना के जल घटक से लाभान्वित होने वाले राज्य दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा व हिमाचल प्रदेश के हिस्से के विद्युत घटक से संबंधित लगभग 2,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वहन करेंगे। इससे राज्य सरकार पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ काफी हद तक कम होगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बैठक में स्पष्ट किया कि पूर्व भाजपा सरकार ने परियोजना में राज्य के हिस्से के रूप में 800 करोड़ रुपये वहन करने पर सहमति दी थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने प्रदेश के सीमित वित्तीय संसाधनों को देखते हुए इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया। राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप अब अधिक अनुकूल समाधान सामने आया है।
परियोजना के पूर्ण होने पर हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 100 करोड़ यूनिट बिजली की हिस्सेदारी प्राप्त होगी, जिसका अनुमानित मूल्य करीब 600 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष बताया गया है। बैठक में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल तथा परियोजना से लाभान्वित राज्यों के मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहे।
