गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के प्रत्यर्पण की मांग करेगा अमेरिका

by

चंडीगढ़ : कनाडा के खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या समेत कई अपराधों में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर आरोप अमेरिकी न्याय विभाग ने आरोप लगाया है। अब अमेरिकी न्याय विभाग ने स्पष्ट किया है कि वह बिश्नोई के प्रत्यर्पण की कोशिश करेगा। बिश्नोई को 2014 में गिरफ्तार किया गया था और गुजरात की साबरमती जेल में बंद है।

एक समाचार पत्र के सवालों का जवाब देते हुए, कैलिफ़ोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में US अटॉर्नी ऑफिस के पब्लिक अफेयर्स ऑफिसर सियारन मैकएवॉय ने एक ईमेल में कहा, “बिश्नोई खुद भारत में जेल में बंद है। हम उसके यूनाइटेड स्टेट्स में प्रत्यर्पण की कोशिश करना चाहते हैं। प्रत्यर्पण एक लंबा कानूनी प्रोसेस है और इसे पूरा होने में अक्सर सालों लग जाते हैं।” अमेरिकी न्याय विभाग ने अपने ‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ के हिस्से के तौर पर 37 लोगों पर आरोप लगाए थे। यह अमेरिका, कनाडा और यूरोप की लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों का एक कोऑर्डिनेटेड एक्शन था, जिसके चलते ट्रांसनेशनल नेटवर्क वाले तीन भारतीय क्राइम सिंडिकेट से जुड़े 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। बिश्नोई और उसके साथी गोल्डी बरार के अलावा अमेरिका के चार्जशीट में जिन दूसरे गैंग लीडर्स के नाम हैं, उनमें जग्गू भगवानपुरिया भी शामिल हैं, जो असम की जेल में बंद है और कनाडा में रहने वाला रविंदर सिंह ढांडा भी शामिल है।

बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर निज्जर की हत्या का आदेश देने का आरोप है। FBI ने गोल्डी बराड़ की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने वाले को 50 हजार डॉलर का इनाम देने की घोषणा की है।

भारत और अमेरिका के बीच प्रत्यर्पण 1997 में साइन हुई द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि और भारत के प्रत्यर्पण एक्ट, 1962 के तहत होता है। हालांकि बिश्नोई के मामले में सबसे ज़रूरी कानूनी बात यह है कि वह पहले से ही न्यायिक हिरासत में है और पूरे भारत में उस पर कई अपराधिक मामले चल रहे हैं। इसका मतलब है कि भारत कानूनी तौर पर यह दलील दे सकता है कि बिश्नोई को पहले हत्या, फिरौती और संगठित अपराध के मामलों में ट्रायल का सामना करना होगा। अगर वह दोषी पाया जाता है, तो उसे कोई भी सज़ा काटनी होगी। उसके बाद ही कोई प्रत्यर्पण होगा। इस बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं है कि अमेरिकी न्याय विभाग बिश्नोई के प्रत्यर्पण के लिए रिक्वेस्ट कब भेजेगा। प्रक्रिया के मुताबिक प्रत्यर्पण रिक्वेस्ट अमेरिकी न्याय विभाग तैयार करेगा और अमेरिकी विदेश विभाग इसे भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) को भेजेगा। MEA, गृह मंत्रालय और CBI जैसी एजेंसियों से सलाह करके यह देखेगा कि अनुरोध संधि और प्रत्यर्पण एक्ट के हिसाब से है या नहीं।

मैकएवॉय ने कहा कि ढांडा गैंग के सदस्यों के लिए ट्रायल की तारीख 31 अगस्त को लॉस एंजिल्स कोर्ट में और भगवानपुरिया गैंग के सदस्यों के लिए एक दिन बाद उसी कोर्ट में तय की गई है। अधिकारी ने कहा, “इस बात के बहुत अच्छे चांस हैं कि ये तारीखें आगे बढ़ेंगी, जिससे पता चलता है कि केस रीशेड्यूल हो सकते हैं।बिश्नोई गैंग के बारे में, मैकएवॉय ने कहा कि उन्हें हमारे जूरिस्डिक्शन में पेश नहीं किया गया है। DoJ अधिकारी ने कहा, “एक बार जब वे यहां ट्रांसफर हो जाएंगे, तो उन्हें पेश किया जाएगा।

अमेरिकी न्याय विभाग ने जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, पंजाब पुलिस में SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा और कई दूसरे लोगों पर रैकेट चलाने की साज़िश, मर्डर और एक्सटॉर्शन जैसे चार्ज लगाए हैं। क्या भारत-अमेरिका संधि के तहत ये मुकदमे प्रत्यर्पण के लिए ठोस आधार है और भारत दोनों आरोपियों को सौंपने से मना कर सकता है, या कम से कम उनके सरेंडर में देरी कर सकता है?

 

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

हिमाचल प्रदेश

मतदाता सूचियों के पुनः निरीक्षण के लिए नियुक्त किये निरीक्षण अधिकारी

शिमला, 19 सितम्बर – जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत एवं उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने आज यहां बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार खण्ड विकास अधिकारी नारकण्डा, छोहारा, जुब्बल, ठियोग, रामपुर, मशोबरा व बसंतपुर...
article-image
समाचार , हिमाचल प्रदेश

सरोत्री स्कूल को 15 लाख देने की घोषणा : आर.एस. बाली ने अंडर 14 खेलकूद प्रतियोगिता का किया शुभारंभ

नगरोटा बगवां, 14 जून। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष व पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष (कैबिनेट रैंक) आर.एस. बाली ने मंगलवार को नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय...
article-image
पंजाब

हाथ में लगी थी सिरिंज : नशे की ओवरडोज से 25 और 27 साल के युवकों की मौत

भवानीगढ़  :  पंजाब में नशे से कई घरों के चिराग बुझ रहे हैं। नशा युवा के लिए मौत बना हुआ है। पंजाब सरकार, पुलिस व स्थानीय प्रशासन के नशे को रोकने के लिए प्रयास...
article-image
पंजाब

राजपुरा थाना सिटी के SHO सस्पेंड : गोलीकांड मामले में लापरवाही का आरोप

राजपुरा : राजपुरा पुलिस विभाग में भी कड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। राजपुरा थाना सिटी के SHO, किरपाल सिंह को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया गया है। गोलीकांड मामले...
Translate »
error: Content is protected !!