जांच के घेरे में कई दवा व्यापारी : हर शहर में सप्लाई करते थे प्रतिबंधित गोलियां

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जालंधर । लाखों प्रतिबंधित गोलियों के साथ तीन आरोपितों की गिरफ्तारी के मामले में पुलिस की जांच ने यह स्पष्ट किया है कि यह नेटवर्क पूरे पंजाब में फैला हुआ था। पुलिस ने इस मामले में कई दवा विक्रेताओं को जांच में शामिल किया है, क्योंकि प्रतिबंधित गोलियां राज्य के विभिन्न दवा विक्रेताओं के पास पहुंच रही थीं।

हालांकि, कुछ लोगों के पुलिस ने नामजद भी किया है, लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं है।

पुलिस मामले में जल्द ही गिरफ्तारियां दिखा सकती है। पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत कमिश्नरेट पुलिस की सीआइए टीम ने एक इंटर-स्टेट गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया।

उनके पास से 2,23,000 प्रतिबंधित ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड टैबलेट्स, दो कारें और एक एक्टिवा स्कूटर बरामद किया गया। पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि ये आरोपित पंजाब के लगभग हर शहर में प्रतिबंधित गोलियों की सप्लाई करते थे और उनका नेटवर्क दिल्ली तक फैला हुआ था।

पंजाब की हर बड़ी दवा मार्केट से था कनेक्शन

जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपितों ने बताया कि वे दिल्ली में बैठे बड़े ड्रग तस्करों के निर्देश पर गोलियों की सप्लाई करते थे। उन्होंने पंजाब की लगभग हर बड़ी दवा मार्केट में अपनी सप्लाई चेन बना रखी थी और होलसेल व्यापारियों से बड़ी खेप उठाकर आगे बेचते थे। सीआइए टीम ने इसके बाद कई दवा विक्रेताओं की सूची तैयार की है और जालंधर समेत अन्य जिलों के कई दवा व्यापारियों को जांच में शामिल किया गया है।

ऐसे हुआ था पर्दाफाश

पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने बताया कि सीआइए इंचार्ज इंस्पेक्टर सुरिंदर कुमार और उनकी टीम ने सूचना के आधार पर सबसे पहले नितिन शर्मा निवासी बचिंत नगर गांव रेरू को बर्ल्टन पार्क गेट के पास से गिरफ्तार किया। उसकी स्विफ्ट कार से 87,000 प्रतिबंधित गोलियां बरामद हुईं।

पूछताछ में नितिन ने अपने दो साथियों के नाम बताए, जिनकी पहचान अजय कुमार निवासी तिलक नगर और अमित वर्मा उर्फ सनी निवासी सतनाम नगर के रूप में हुई। पुलिस ने अजय कुमार को गिरफ्तार कर उसकी मारुति फ्रोंक्स कार से 1,12,000 गोलियां बरामद कीं, जबकि तीसरे आरोपित अमित वर्मा के एक्टिवा स्कूटर से 24,000 गोलियां मिलीं। इस प्रकार कुल 2.23 लाख प्रतिबंधित गोलियां बरामद की गईं।

पुराना अपराधी निकला मुख्य आरोपित

पुलिस जांच में यह भी पता चला कि मुख्य आरोपित नितिन शर्मा पहले भी नशा तस्करी के मामलों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ दो पुरानी एफआइआर दर्ज थीं। एक 24 सितंबर 2017 को थाना भोगपुर में और दूसरी 15 मई 2023 को थाना सदर होशियारपुर में।

पुलिस ने थाना डिवीजन नंबर-1 में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने कहा कि नशा तस्करी में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी पद पर हो।

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